Bihar Politics: बिहार में एनडीए गठबंधन में दरार आ गई है। राजनीतिक गलियारों में इसकी जोर-शोर से चर्चा है कि नीतीश कुमार बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर सकते हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि नीतीश कुमार फिर एक बार आरजेडी के साथ गठबंधन कर सरकार बना सकते हैं। सीएम नीतीश कुमार के मंगलवार को पार्टी के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इससे इन आशंकाओं को और ज्यादा बल मिल गया है।

बीजेपी की क्या है प्रतिक्रिया?

जदयू के रुख को लेकर बीजेपी ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। बीजेपी के करीबी सूत्रों के मुताबिक पार्टी फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है और अपनी तरफ से नीतीश कुमार की पार्टी को तोड़ने या सरकार गिराने का कोई प्रयास नहीं करेगी। इस बीच दोपहर के वक्त रविशंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, नितिन नवीन, नित्यानंद राय आदि बड़े नेता दिल्ली रवाना हो गये। इससे साफ संकेत मिलता है कि मामला गंभीर है। वहीं गहमा-गहमी भरे माहौल के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद सहित भाजपा के तमाम बड़े नेता अपने रूटीन कार्यक्रम में जुटे रहे।

संभव है आरजेडी-जेडीयू का गठबंधन?

नये गठबंधन की संभावनाओं पर आरजेडी ने अपना स्टैंड साफ करते हुए कहा है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बीजेपी से संबंध तोड़ते हैं तो आरजेडी उन्हें और उनकी पार्टी को गले लगाने को तैयार है। लेकिन मामला इतना आसान भी नहीं है। सबसे पहले तो इस बात पर विवाद है कि नई पारी की शुरुआत करने पर बिहार का सीएम कौन होगा। जानकारों के मुताबिक आरजेडी फिर से नीतीश कुमार पर भरोसा करने की गलती नहीं करना चाहती। उधर, जेडीयू को नीतीश कुमार के अलावा दूसरा कोई और नाम मंजूर नहीं है। इसी तरह बिहार विधानसभाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बना हुआ है।

क्यों आई बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में दरार?

बीते दिन जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के इस्तीफा देने के बाद बिहार राजनीति में हलचल मच गई थी। एक थ्योरी ये है कि नीतीश कुमार इस मामले को बीजेपी की सरकार गिराने की साजिश से जोड़ रहे हैं। उन्हें आशंका है कि बीजेपी बिहार में भी 'महाराष्ट्र' जैसा खेल करने की प्लानिंग में है। ऐसे में वह पहले ही नया गठबंधन बनाकर अपनी सत्ता सुरक्षित करना चाहते हैं। वहीं दूसरी थ्योरी के मुताबिक नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति बनना चाहते थे। लेकिन बीजेपी ने उन्हें भाव नहीं दिया और इस वजह से वो नाराज चल रहे हैं और गठबंधन तोड़ने पर उतारू हैं।

इन सबके बीच असली कारण क्या ये बताना मुश्किल है, लेकिन सत्ता के खेल में नीतीश कुमार भी किसी से कम नहीं है। बिहार की राजनीति में उनकी सूझबूझ और जोड़-तोड़ कर सत्ता में बने रहने की कला उन्हें बखूबी आती है। ऐसे में बिहार की राजनीति किस करवट बैठती है, इसका फैसला कल की बैठक के बाद सामने आ सकता है।

Posted By: Shailendra Kumar

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