SPG Cover Withdrawal from Rahul Gandhi: केंद्र सरकार ने गांधी परिवार की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा 28 साल बाद वापस ले ली है। अब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा मिलेगी। कांग्रेस इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी से इसलिए भी एसपीजी सुरक्षा छीनी गई है, क्योंकि उन्होंने 2005 से 2014 के बीच औसत रूप से रोज एक बार एसपीजी का सुरक्षा घेरा तोड़ा था। वह देश के विभिन्न हिस्सों में 18 बार गैर बुलेट प्रूफ वाहनों में घूमे। यह एसपीजी नियमों का गंभीर उल्लंघन है। 2015 से मई 2019 तक राहुल ने दिल्ली में 1892 बार नॉन बुलेट रिसिस्टेंट(नॉन-बीआर) वाहनों में सफर किया। इस साल जून तक उन्होंने कुल 247 बार दिल्ली से बाहर भी नॉन बीआर वाहनों में सैर की।

केंद्र सरकार ने इससे पहले अगस्त में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह की भी एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी। अब प्रधानमंत्री के नाते सिर्फ नरेंद्र मोदी को एसपीजी की अत्यंत कड़ी सुरक्षा मिलती रहेगी। संसद द्वारा बनाए गए एसपीजी कानून 1988 में आरंभ में सिर्फ प्रधानमंत्री व पूर्व प्रधानमंत्रियों को यह सुरक्षा मुहैया कराने का प्रावधान था। लेकिन राजीव गांधी की हत्या के बाद इस कानून में बदलाव कर उनकी पत्नी सोनिया गांधी व बच्चों राहुल व प्रियंका को भी इसके दायरे में ले लिया गया था।

यह है दोनों सुरक्षा में फर्क

एसपीजी सुरक्षा : कमांडो सुरक्षा घेरा, हाई टेक्क व्हीकल, जैमर और काफिले में एक एंबुलेंस रहती है।

जेड प्लस सुरक्षा : अर्द्ध सैनिक बल के जवान, घरों पर गार्ड व जहां भी वे जाएंगे जवान साथ रहेंगे।

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Posted By: Arvind Dubey