SPG Cover Withdrawal from Sonia, Rahul, Priyanka Gandhi: केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उनके बच्चों राहुल व प्रियंका गांधी की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा 28 साल बाद वापस ले ली है। गांधी परिवार को सितंबर 1991 में एसपीजी एक्ट-1988 में संशोधन कर यह सुरक्षा कवच दिया गया था। अब इन तीनों को सीआरपीएफ द्वारा जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। व्यापक सुरक्षा आकलन के बाद यह फैसला किया गया। अब सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी एसपीजी के सुरक्षा घेरे में रहेंगे। उन्हें पीएम बनने के बाद से यह सुरक्षा मिली हुई है।

कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि सियासी बदले की सोच के तहत यह कार्रवाई की गई है। पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि गांधी परिवार माओवादियों के निशाने पर हैं। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में अमित शाह के निवास पर विरोध प्रदर्शन भी किया।

राजीव गांधी की हत्या के तीन माह बाद दी थी एसपीजी सुरक्षा

गांधी परिवार को एसपीजी की अत्यंत कड़ी सुरक्षा पूर्व पीएम राजीव गांधी की 21 मई 1991 में लिट्टे के आत्मघाती हमलावर द्वारा की गई हत्या के बाद मुहैया कराई गई थी। इसके लिए एसपीजी एक्ट 1988 में संशोधन कर राजीव गांधी के उक्त तीनों परिजनों को वीवीआईपी सुरक्षा सूची में शामिल किया गया था। 31 अक्टूबर 1984को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद उच्च स्तरीय अलग फोर्स बनाने की आवश्यकता महसूस की गई थी।

निजी बदले तक पहुंची भाजपा : अहमद पटेल

गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा वापस लेने की कांग्रेस के कोषाध्यक्ष व गांधीपरिवार के करीबी अहमद पटेल ने कड़ी आलोचना की है। पटेल ने कहा कि भाजपा बदले की राजनीति करते हुए अब निजी बदले तक पहुंच गई है। वह देश के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों (इंदिरा व राजीव) के परिवारों की सुरक्षा से समझौता कर रही है।

Posted By: Arvind Dubey