नई दिल्ली। गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा (SPG Security Cover) हटाए जाने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह राजनीति का एक हिस्सा है और यह होता रहता है। प्रियंका गांधी ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से यह बात कही। बताते चलें कि हाल ही में सरकार ने गांधी परिवार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली। अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है।

उधर, गांधी परिवार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जिम्मे गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बताते चलें कि जेड-प्लस सिक्योरिटी के तहत सुरक्षा की जिम्मेदारी 100 सुरक्षाकर्मियों की होती है। साल 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या किए जाने के बाद से ही गांधी परिवार को इस तरह की कड़ी सुरक्षा दी जा रही थी। श्रीलंका में शांति सेना भेजने के विरोध में वहां सक्रिय तमिल उग्रवादी संगठन लिट्टे ने राजीव गांधी की हत्या को अंजाम दिया था।

हालांकि, इस कदम के खिलाफ संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है। मगर, गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर कह दिया है कि मामला खत्म हो गया है। गृह मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि इस फैसले पर कोई पीछे नहीं हटेगा। सरकार का कहना है कि फैसला गृह मंत्रालय के पैनल द्वारा गांधी परिवार को दी जाने वाली सुरक्षा की समीक्षा पर आधारित है।

एसपीजी एक कमांडो बल है, जो बख्तरबंद वाहनों के साथ चलता है और घर पर 24 घंटे की सुरक्षा मुहैया कराता है। एसपीजी की स्थापना इंदिरा गांधी की हत्या उनके अंगरक्षक द्वारा किए जाने के बाद 1985 में की गई थी। इसका मकसद प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा मुहैया कराना था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai