नई दिल्ली Strawberry moon । इस वर्ष 24 जून को ग्रीष्म संक्राति के बाद की पहली पूर्णिमा है और इस दिन एक अनोखी खगोलीय घटना दिखाई देगी। आसमान में 24 जून में चंद्रमा स्ट्रॉबेरी के रंग में दिखाई देगा। इसलिए इस घटना को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से निकटता के कारण अपने सामान्य आकार से काफी बड़ा दिखाई देगा, तब इसे स्ट्रॉबेरी मून कहेंगे। इस पूर्णिमा के चांद को सुपरमून नहीं माना जाता है, जैसा कि मई माह में देखने को मिला था।

हाल ही में दिखी हैं कई खगोलीय घटनाएं

हाल ही के दिनों में कई खगोलीय घटनाएं देखने को मिली है। बीते दिनों में सुपरमून, ब्लडमून, चंद्र ग्रहण और फिर रिंग ऑफ फायर सूर्य ग्रहण दिखाई दिया था। अब 24 जून में स्ट्रॉबेरी मून भी बहुत खास होगा। हिंदू पंचांग के मुताबिक स्ट्राबेरी मून वसंत ऋतु की अंतिम पूर्णिमा और ग्रीष्म ऋतु की पहली पूर्णिमा का प्रतीक है।

इसलिए कहते हैं स्ट्रॉबेरी मून

स्ट्रॉबेरी मून का नाम दरअसल प्राचीन अमेरिकी जनजातियों से नाम मिला है, जिन्होंने स्ट्रॉबेरी के लिए कटाई के मौसम की शुरुआत के साथ पूर्णिमा को चिह्नित किया था। यूरोप में स्ट्रॉबेरी मून को रोज मून कहते हैं, जो गुलाब की कटाई का प्रतीक है। उत्तरी गोलार्ध में इसे गर्म चंद्रमा भी कहते हैं क्योंकि यह भूमध्य रेखा के उत्तर में गर्मी के मौसम की शुरुआत करता है।

Posted By: Sandeep Chourey