सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 को आज ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। अग्नि-5 का यह आठवां सफल परीक्षण है। इसके साथ ही भारत इस तरह की मिसाइल विकसित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। अभी सिर्फ अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के पास ही ऐसी मिसाइलें थीं।प्रक्षेपण के बाद मिसाइल आकाश में सीधी उड़ान भरने लगी। विज्ञानियों ने इस दौरान अनेक मापदंडों पर इसका अध्ययन किया। अपने पीछे नारंगी रंग का धुआं छोड़ते हुए मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। यह मिसाइल, जो 3-चरण ठोस-ईंधन इंजन का उपयोग करती है, बहुत उच्च सटीकता के साथ 5,000 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। PIB ने समाचार जारी करते हुए बताया कि तीन चरणों वाले ठोस ईंधन वाले इंजन का उपयोग करती है। साथ ही 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' की भारत की नीति के अनुरूप सफल प्रक्षेपण जो 'पहले उपयोग न करने' की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफल प्रक्षेपण 27 अक्टूबर, 2021 को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लगभग 19.50 बजे किया गया था। यह मिसाइल अपने साथ पारंपरिक विस्फोटकों के अलावा परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। बीते कुछ दिनों से इस मिसाइल का परीक्षण किए जाने की अटकलें चल रही थीं।

जानिये इस मिसाइल की विशेषताएं

- मारक क्षमता घातक है। यह 20 मिनट में 5000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।

- पूरा एशिया, अफ्रीका महाद्वीप व यूरोप का काफी हिस्सा इसकी जद में होगा।

- 10.17 मीटर ऊंची मिसाइल में सात किलोमीटर लंबी वायरिंग है। यह तीन चरण में मार करने में सक्षम।

- एक हजार किलो तक न्यूक्लियर वारहेड लेकर जाने में सक्षम।

- इसको सड़क मार्ग से कहीं भी पहुंचाया जा सकता है।

- यह उपग्रह के जरिये की जाने वाली निगरानी से बचने की क्षमता से लैस

- इसकी तकनीक का इस्तेमाल भारत दुश्मन देशों के उपग्रहों को नष्ट करने में कर सकेगा।

Posted By: Navodit Saktawat