Sunday Top News: राजधानी दिल्ली के मुंडका इलाके में जिस बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 27 लोगों की जान चली गई थी, उसके मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी मनीष लाकड़ा ने सपरिवार थाने में सरेंडर कर दिया। इस मामले में बिल्डिंग मालिक मनीष लाकड़ा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश थी। अब तक ये फरार बताए जा रहे थे, लेकिन रविवार सुबह मनीष ने सपरिवार मुंडका थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मनीष परिवार के साथ बिल्डिंग की पहली मंजिल पर था। बता दें, हादते के बाद अब तक कई लोग लापता हैं। अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं। डीएनए टेस्ट के बाद ही उनका पता चल पाएगा।

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18 साल के सिरफिरे में लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए न्यूयॉर्क सुपरमार्केट में बरसाई गोलियां, 10 की मौत

अमेरिका में एक बार फिर खुले आम गोलीबारी की घटना हुई है। न्यूयॉर्क में शनिवार को 18 साल के एक पागल ने बफेलो के सुपरमार्केट में 10 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। 3 लोग घायल हुए हैं। फायरिंग के बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। आरोपी सेना की शैली के कपड़े और बॉडी आर्मर पहनकर शूटिंग करने आया था। बंदूकधारी अपने हेलमेट से जुड़े कैमरे के माध्यम से शूटिंग की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वीडियो में बंदूकधारी को एक कार से दुकान के सामने आते देखा जा सकता है। वह बाहर निकलता है और पार्किंग में लोगों पर फायरिंग करता है। वीडियो में बंदूकधारी को एक सुपरमार्केट में घुसते और कई अन्य पीड़ितों को गोली मारते भी दिखाया गया है। पीड़ितों में से एक हाल ही में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी था जो स्टोर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था। फायरिंग का मकसद क्या था इसकी जांच की जा रही है। शूटिंग नस्लीय रूप से प्रेरित थी या नहीं।

आस्कर अवार्ड 2023 की तारीख का ऐलान: फिल्म जगत के सबसे बड़े अवार्ड समारोह की तारीख का एलान कर दिया गया है। आस्कर अवार्ड का 95वां संस्करण 13 मार्च, 2023 को आयोजित किया जाएगा। द एकेडमी आफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस के मुताबिक, नामांकन की प्रक्रिया 24 जनवरी, 2023 से शुरू हो जाएगी, जो 13 फरवरी 2023 तक चलेगी। आस्कर के इतिहास में दूसरी बार मार्च में इस सालाना अवार्ड समारोह का आयोजन होगा।

बैंक कर्मचारी की गलती से गलत लाभार्थियों को 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर: हैदराबाद में एक सरकारी बैंक के कर्मचारी की कापी पेस्ट की गलती महंगी साबित हुई। उसने तेलंगाना सरकार की एक योजना के लाभार्थियों के खाते में पैसे ट्रांसफर करने के बजाए दूसरे लोगों के खातों में 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शहर के एक निजी अस्पताल के 25 कर्मचारी वेतन खातों में रुपये जमा होने से हैरान रह गए। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के एक कर्मचारी ने गलती से राशि उनके खातों में स्थानांतरित कर दी। यह राशि मूल रूप से दलित बंधु के तहत लाभार्थियों के खातों में जमा की जानी थी, तेलंगाना में दलितों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए एक योजना लागू की गई थी। यह त्रुटि 24 अप्रैल को एसबीआइ की रंगा रेड्डी जिला कलेक्ट्रेट शाखा में एक कर्मचारी द्वारा की गई। गलती का एहसास होने पर बैंक कर्मचारी ने अस्पताल के कर्मचारियों से संपर्क किया और उनसे राशि वापस बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। मामला कुछ दिन पहले तब सामने आया जब एक बैंक अधिकारी ने पुलिस से संपर्क किया, क्योंकि एक गलत लाभार्थी पूरी राशि वापस करने में विफल रहा।

Posted By: Arvind Dubey