हिसार। पुलिस महानिदेशक कार्यलय पर आत्महत्या का प्रयास करने वाले सुनील सरदाना ने परिवार सहित राष्ट्रपति भवन के समक्ष 7 अक्टूबर को आत्महत्या करने की धमकी दी है। प्रणब मुखर्जी को लिखे पत्र में सुनील ने कहा कि उसे प्रदेश सरकार से कोई उम्मीद नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री की कार्यशैली से आहत होकर परिवार ने यह फैसला लिया है।

उसके परिवार की बहन-बेटियों को मुख्यमंत्री निवास से उठाकर जेल में जबरदस्ती बंद कर दिया गया। सरदाना का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा के राज्यपाल से फरियाद की, दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना देकर प्रधानमंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। धर्म परिवर्तन करने के बाद उनका परिवार जिल्लत भरी जिंदगी जी रहा है।

सुनील सरदाना ने पत्र में सात दिनों के अंदर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की भी की है।

जंतर-मंतर पर भी धरना जारी

इस्लाम धर्म अपना चुके सुनील सरदाना का जंतर-मंतर पर धरना जारी है। सुनील सरदाना ने बताया कि हर तरफ से न्याय नहीं मिलने से निराश होकर उन्होंने जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है।

यह था मामला

हिसार निवासी सुनील की मानें तो उसको विवेक मक्कड़, उसकी पत्नी नीति मक्कड़ और सब इंस्पेक्टर ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था जिसके चलते उसने डीजीपी कार्यालय में सल्फास खाकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी। लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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