देश में कोरोना की दूसरी लहर रफ्तार पकड़ चुकी है। इस महामारी ने बड़े पैमाने पर लोगों को आर्थिक रूप से प्रभावित किया है। इस महामारी के कारण कई लोगों की नौकरी चल गई और व्यवसाय भी ठप हो चुके हैं। इसकी वजह देश में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के अनुसार, 11 अप्रैल 2021 को बेरोजगारी दर बढ़कर 8.6 परसेंट हो गई है, जो दो हफ्ते पहले 6.7 परसेंट पर थी। हालांकि, इस बीच अच्छी खबर भी आई है। इस साल आपकी सैलरी बढ़ सकती है और नई नौकरी मिलने की संभावना भी बढ़ रही है।

पिछले साल लॉकडाउन के कारण लाखों लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी, लोगों का धंधा चौपट हो गया था। कोरोना की दूसरी लहर में एक बार फिर यही संकट सामने खड़ा है, और इस बार ये ज्यादा खतरनाक है। अप्रैल के महीने में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8 परसेंट पर पहुंच गई है। जबकि मार्च में यह दर 7.84 परसेंट ही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.7 परसेंट है।

बदल सकता है सैलरी स्ट्रक्चर, 5 से 10 फीसदी इन्क्रीमेंट की संभावना

स्टाफिंग करने वाली कंपनी जीनियस कंसल्टेंट्स ने अपने सर्वे में बताया है कि कोरोना संकट के बावजूद कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाएंगी। नौकरीपेशा लोगों का सैलरी स्ट्रक्चर भी बदल सकता है। कर्मचारियों की सैलरी में 5 से 10 परसेंट के बीच बढ़ोतरी हो सकती है।

1200 में 708 कंपनियां सैलरी बढ़ाने के पक्ष में

जीनियस कंसल्टेंट्स के सर्वे में देश की 1200 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इसमें 708 कंपनियां सैलरी बढ़ाने के पक्ष में हैं। वहीं, 21 परसेंट कंपनियों ने इस साल सैलरी बढ़ाने से साफ मना कर दिया। 59% कंपनियों ने कहा कि वे कर्मचारियों की सैलरी को बढ़ाना चाहती हैं। ये सैलरी बढ़ोतरी 5-10 परसेंट के बीच होगी। हालांकि, 20 परसेंट कंपनियों का कहना है कि वो सैलरी तो जरूरी बढ़ाएंगी लेकिन यह बढ़ोतरी 5 परसेंट से भी कम होगी।

फरवरी और मार्च के महीने में हुआ सर्वे

ये सर्वे फरवरी और मार्च के दौरान कराया गया है। सर्वे में HR, IT, ITES, BPO सहित बैंकिंग एंड फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग, एजुकेशन, लॉजिस्टिक हॉस्पिटैलिटी, मीडिया, फार्मा, मेडिकल, पावर एंड एनर्जी, रियल एस्टेट जैसी कंपनियां शामिल हुई थीं।

43 फीसदी कंपनियां नई भर्ती के लिए तैयार

सर्वे में 43 परसेंट कंपनियों ने कहा कि वो नए लोगों की भर्ती करेंगी। वहीं, 41 परसेंट ने कहा कि वो रिप्लेसमेंट हायरिंग करेंगी। इसका मतलब है कि अनुभवी लोगों के लिए भी नई नौकरी के मौके बनेंगे। 11 परसेंट कंपनियों ने कहा कि उनके यहां नई नौकरियों की कोई संभावना नहीं है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि दक्षिण क्षेत्र में नौकरियों के ज्यादा मौके बनेंगे, यहां से 37 परसेंट हायरिंग की उम्मीद है। इसके अलावा देश के पश्चिमी क्षेत्र में हायरिंग 33 परसेंट नई नौकरियां मिलने के आसार हैं।

33 फीसदी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम को सराहा

सर्वे के दौरान 37 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम से उनकी कार्यशैली और क्षमता प्रभावित हुई है। वहीं, 33 फीसदी कंपनियों का कहना था कि इस नए कल्चर से उनका काम प्रभावित नहीं हुआ है। हालांकि, इस बीच सिर्फ 4 फीसदी कंपनियों ने छटनी की बात कही है।

Posted By: Arvind Dubey

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