मथुरा। देश की हाई स्पीड ट्रेन टैल्गो खतरे का ट्रायल आसानी से पूरा करने के साथ ही देश में सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन बनने की ओर बढ़ गई। ट्रेन मंगलवार के ट्रायल में 170 किमी की रफ्तार से दौड़ी जिससे गतिमान एक्सप्रेस की स्पीड भी छूट गई।

देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन के लगातार ट्रायल चल रहे हैं। पहले यह बरेली-मुरादाबाद के बीच किए गए, अब मथुरा-पलवल के मध्य ट्रायल हो रहे हैं। रफ्तार के साथ इस पर भी ध्यान रखा जा रहा है कि ट्रैक पर किसी तरह की पत्ती या गिट्टी आने पर कोई दुर्घटना तो नहीं होगी। इसी ट्रायल के लिए ट्रेन को सुबह 11 बजे आझई रेलवे स्टेशन पर ले जाया गया।

इंजन से पीछे वाले कोच के लिए पटरी पर दोनों तरफ करीब एक इंच मोटी और छह इंच लंबी लोहे की तिकोनी पत्ती रखकर ट्रेन को गुजारा गया। ट्रेन पत्ती के ऊपर से सही-सलामत निकल गई। दो घंटे के ट्रायल में करीब तीन-चार बार लोहे की पत्ती से ट्रेन को निकाला गया।

इसके बाद शाम के ट्रायल में मथुरा से शाम 4.16 बजे चलकर यह रुंधी 4.55 बजे पहुंची। कुल 74 किमी का सफर 170 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से 39 मिनट में पूरा किया। बुधवार को 180 किमी की रफ्तार से ट्रायल किया जा सकता है। इसके बाद ट्रेन में वजन रखकर इतनी ही स्पीड से ट्रायल किए जाएंगे।

बाद में दिल्ली-मुंबई के मध्य ट्रायल प्रस्तावित है। रेलवे प्रशासन ने दावा किया है कि ट्रायल सफल रहा है। अभी तक टैल्गो ट्रेन के संचालन में किसी तरह की परेशानी नहीं आई है। इस ट्रैक पर अब तक देश में सबसे तेज रफ्तार की सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस है, जो अधिकतम 160 किमी की रफ्तार से दौड़ रही है।

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