धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन। चार सितंबर की रात गांव कलेर के पास हुए ब्लास्ट में जो बम निकाले जा रहे थे, उनका इस्तेमाल पिछले साल अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में हुए धमाके की तरह ही किया जाना था। बम निकालते समय हुई वारदात में टीम में शामिल दो युवकों की मौके पर मौत भी हो गई थी, जबकि तीसरा जख्मी हो गया। यह अहम खुलासा मंगलवार को धमाके के मामले में गिरफ्तार सात आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में किया।

नूरमहल स्थित डेरा था निशाने पर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने यह भी माना कि उनकी योजना नूरमहल स्थित एक डेरे को निशाना बनाने की भी थी। इसके अलावा वह कुछ सियासी नेताओं पर भी नजर रख रहे थे। हालांकि मामला हाईप्रोफाइल व देश की आतंरिक सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले में बोलने से बच रहा है।

विदेश से हुई थी फंडिंग : सूत्रों के अनुसार आरोपितों ने माना कि खालिस्तान का विरोध करने वाले सियासी दलों के नेताओं को बम धमाकों के जरिए डराना चाहते थे। वहीं, पंजाब में खालिस्तान मूवमेंट को हवा देने के लिए विदेश से फंडिंग भी हुई थी।

अहम खुलासे के बाद मांगा 5 दिन का और रिमांड

इतने अहम खुलासों के बाद पुलिस ने सभी छह आरोपितों अमृतपाल सिंह बचड़े, चन्नप्रीत सिंह बटाला, मनप्रीत सिंह मुरादपुरा, हरजीत सिंह पंडोरी गोला, मलकीत सिंह कोटला गुजर व अमरजीत सिंह को कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड और हासिल किया। सातवां आरोपित मनदीप सिंह मस्सा पहले ही चार दिन के रिमांड पर है।

रिमांड के बाद ही कुछ कहना संभव : SSP ध्रुव का कहना है कि आज ही आरोपितों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ होगी, जिसके बाद ही खुलासा किया जा सकता है। उससे पहले कुछ भी कहना मुनासिब नहीं।