नई दिल्ली। वाहन बाजार में घरेलू कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा का लगभग बड़ाबड़ी का टक्कर है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले वेतन के मामले में टाटा मोटर्स काफी आगे है। वित्त वर्ष 2018-19 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ गुएंटर बशेक का कुल वेतन पैकेज 26.29 करोड़ रुपये था, जो सालभर पहले के मुकाबले 1.57 फीसद अधिक था।

दूसरी ओर 2018-19 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के एमडी पवन गोयनका का कुल वेतन पैकेज 2018-19 में 12.19 करोड़ रुपये था, जो सालभर पहले के मुकाबले 0.16 फीसद कम था। टाटा मोटर्स ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उसके चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को बोर्ड और समिति की बैठक में उपस्थित होने के लिए छह लाख रुपये मिले। कंपनी की नीति के तहत उन्होंने कमिशन नहीं लिया। दूसरी ओर एमएंडएम के कार्यकारी चेयरमैन आनंद महिंद्रा का कुल वेतन पैकेज पिछले वित्त वर्ष में 8.67 करोड़ रुपये रहा, जो सालभर पहले के मुकाबले 7.97 फीसद अधिक है।

कुमार मंगलम बिड़ला को अल्ट्राटेक से 15.53 करोड़ रुपये मिले

अल्ट्राटेक के चेयरमैन और गैर-कार्यकारी निदेशक कुमार मंगलम बिड़ला को पिछले वित्त वर्ष सालाना वेतन पैकेज के रूप में 15.53 करोड़ रुपये मिले, सालभर पहले मिले पैकेज के मुकाबले 18.82 फीसद कम है। 52 वर्षीय बिड़ला को 2017-18 में 19.13 करोड़ रुपये और 2016-17 में 22.50 करोड़ रुपये मिले थे।

एयरटेल के मित्तल के वेतन छूट पर शेयरधारक लेंगे फैसला

भारती एयरटेल ने कहा कि उसके चेयरमैन सुनील भारती मित्तल और सीईओ गोपाल विट्टल को पिछले वित्त वर्ष मिले अतिरिक्त वेतन पैकेज की वसूली से छूट पर शेयरधारकों से मंजूरी मांगी जाएगी। मित्तल को पिछले वित्त वर्ष 31 करोड़ रुपये वेतन पैकेज मिला, जो शुद्ध लाभ के 11 फीसद की सीमा से 21.19 करोड़ रुपये अधिक है। इसी तरह से पिछले वित्त वर्ष विट्टल को मिले 20.9 करोड़ रुपये अधिकतम सीमा से 8.87 करोड़ रुपये अधिक हैं। उन्हें सीमा से अधिक मिली राशि की वसूली से छूट देने के लिए कंपनी सालाना आम बैठक में मंजूरी मांगेगी। यह बैठक 14 अगस्त को होनी है।

Posted By: Arvind Dubey

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