Coronavirus कोरोना वायरस की दहशत पूरी दुनिया में कायम है। इस घातक महामारी ने हजारों जानें ली हैं। खतरा अभी टला नहीं है। इस हाहाकार के बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। असल में 1981 में आया एक नॉवेल अचानक चर्चाओं में आ गया है। वजह जानकर आप भी हैरत करेंगे। इसमें साफ तौर पर जिक्र किया गया है कि 2020 में दुनिया में एक रोग फैलेगा जो कि गले व फेफड़े को संक्रमण से भर देगा। इतना ही नहीं, इसके साथ वुहान 400 वेपन शब्‍द का भी उपयोग किया गया है। लोग आश्‍चर्यचकित हैं क्‍या 40 साल पहले इसके लेखक को कोरोनावायरस का आभास हो गया था।

The Eyes Of Darkness द आइज ऑफ डार्कनेस

इस किताब का नाम है, Eyes Od Darkness, जिसे अमेरिकी लेखक Dean Kuntz डीन कुंट्ज ने लिखा था। यह वर्ष 1981 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब में वुहान-400 वायरस का उल्‍लेख आता है। जिस पेज पर यह उल्‍लेख है, वह इतना स्‍पष्‍ट लिखा गया प्रतीत होता है, मानो यह आजकल के हालात को लेकर हाल ही में किसी ने लिखा हो। किताब में यह बताया गया है कि वुहान वायरस को एक लैब के ज़रिये किसी जैविक हथियार के तौर पर ईजाद किया गया है।

इस किताब का ऐसे पता चला

सोशल मीडिया के एक यूजर डेरेन प्‍लेमाउथ ने सबसे पहले इस किताब का कवर पेज और भीतर एक पेज का फोटो अपने अकाउंट पर शेयर किया। इसमें उस पैरा को हाईलाइट किया गया है जिसमें वुहान 400 का जिक्र है। उन्‍होंने कैप्‍शन दिया है कि यह कितना विचित्र संसार है जिसमें हम सब रहते हैं।

लोगों के आश्‍चर्य का ठिकाना नहीं

वुहान के बारे में इतना स्‍पष्‍ट लिखा हुआ पढ़कर लोग हैरत में आ गए हैं। हालांकि कई लोगों ने इसे महज संयोग बताया है तो कई लोगों ने इसे लेखक का पूर्वाभास करार दिया है।

यह है किताब की मुख्‍य थीम

द आईज ऑफ डार्कनेस मूल रूप से एक रोमांचकारी उपन्‍यास है। इसकी कहानी यह है कि एक मां इस खोज में जुटी है कि क्‍या उसका बेटा सचमुच साल भर पहले मर चुका था या अभी जिंदा है। वह अपने बेटे की सच्‍चाई का पता लगाने की कोशिश करती है।

Posted By: Navodit Saktawat