मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह अहम खबर है। देश के करीब 6 करोड़ PF खाताधारकों को सरकार के एक कदम से झटका लग सकता है। खबर है कि EPFO (कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन) ब्‍याज की दरों में कटौती करने जा रहा है। यह कटौती चालू वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में 15-25 बेसिस प्‍वाइंट की होगी। यह सूचना ऐसे समय में सामने आई है जबक‍ि कुछ महीने पहले ही EPFO ने अपने सदस्‍यों के लिए पिछले वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए 8.65 फीसदी की दर से ब्‍याज के भुगतान का निर्णय लिया था। लेकिन अब ऐसा लगता है इस निर्णय को बदला जा सकता है।

यह माना जा रहा है कि रिटायरमेंट फंड के मैनेजर इस चालू जनवरी माह के अंत तक वार्षिक ब्‍याज दरों को घोषित कर सकते हैं। इस घोषणा के पहले फंड मैनेजर निवेश अधिकारी, समिति के सदस्‍य और CBT (सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी) के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

ईपीएफओ ने पिछले दिनों सभी मेंबर्स को 8.65 की सालाना दर से ब्‍याज अदा करने का निर्णय लिया था। इस दर के प्रस्‍ताव के लिए EPFO को वित्‍त मंत्रालय को राजी करने में लगभग 7 महीने का लंबा समय भी लगा था।

ब्‍याज दर घटाने के पीछे यह हो सकती है वजह

सूत्रों के मुताबिक ब्‍याज दर घटाए जाने के इस कदम के पीछे आर्थिक मंदी एक कारण हो सकताहै। Debt पर Retuen गिरता जा रहा है, इस कारण EPFO अब ब्‍याज दरों में कटौती करने पर विचार कर रहा है। पिछले एक साल में लांग टर्म एफडी और बॉन्‍ड यील्‍ड 50 से 90 बेसिस प्‍वाइंट तक की गिरावट आई, जो कि गौरतलब है।

ब्‍याज दर घटने का यह असर होगा

बताया जा रहा है कि ब्‍याज दरों में 100 बेसिस प्‍वाइंट की गिरावट यदि आती है तो EPF के PayOut में से भी 55 से 70 बेसिस प्‍वाइंट का असर होगा। यही कारण है कि ईपीएफओ को 8.65 प्रतिशत ब्‍याज चालू वित्‍त वर्ष में देना कठिन लग रहा है। CBT से एक कर्मचारी प्रतिनिधि का कहना है कि यह वित्‍त वर्ष एक कठिन दौर है। हालांकि ईपीएफओ से ब्‍याज दरें यथावत रखे जाने पर बात की जाना प्रस्‍तावित है।

Posted By: Navodit Saktawat