पंचकूला। एक बुजुर्ग महिला, उसके दो पोतों व पोती की शुक्रवार देर रात सिर में घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। सबसे छोटी पोती अपनी एक बुआ के साथ उसकी ससुराल में रहती है। इसलिए वह बच गई। पंचकूला के चंडी मंदिर थाने में आने वाले गांव खटौली मे हुई इस हृदय विदारक वारदात का पता शनिवार सुबह तब चला जब एक परिचित घर पर आया।

चारों खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े थे और घर के सभी दरवाजे खुले थे। पुलिस का मानना है कि देर रात किसी व्यक्ति ने घर में घुसकर पहले बच्ची ऐश्र्वर्या (18) एवं आयुष (12) को गोली मारी। दोनों बरामदे के साथ लगे कमरे में सो रहे थे। उसके बाद दूसरे कमरे में जाकर बच्चों की दादी राजबाला (68) और दिवांशु (15) के सिर में भी गोली मारकर हत्या कर दी।

बच्चों की बुआ लवली भी ज्यादातर उनके साथ ही रहती थी, लेकिन वह शुक्रवार शाम चार बजे अपनी ससुराल गांव वीटा साहा चली गई थी। राजबाला की सबसे छोटी पोती दस साल की शैली अपनी दूसरी बुआ अंजना के साथ रहती है।

सुबह साढ़े छह बजे एक परिचित राजबाला से मिलने आया, तो चारों की हालत देख उसका दिल दहल गया। घर का कुत्ता भी बेसुध पड़ा था। इसके बाद वह राजबाला के भाई सुरेशपाल को बुलाने चला गया। वारदात की जानकारी पाते ही पुलिस कमिश्नर चारू बाली, डीसीपी अभिषेक जोरवाल, पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता भी पहुंचे। पंचकूला के पुलिस उपायुक्त अभिषेक जोरवाल का कहना है कि वारदात का कारण लूटपाट नहीं लग रही, क्योंकि घर का सारा सामान मौजूद है।

संपत्ति को लेकर था विवाद

राजबाला के नाम पर गांव खटौली एवं आसपास के गांवों में 80 से 90 एकड़ जमीन एवं काफी संपत्ति है। राजबाला के पति राजेंद्र सिंह चंदेल एक रजवाड़े परिवार से थे। राजबाला के चार बेटियां अंजना, लवली, बंटी, मंजू हैं, चारों शादीशुदा हैं। लवली और बंटी एक ही घर में विवाहित हैं। बेटे उपिंद्र की मौत के बाद राजबाला की संपत्ति को लेकर अकसर बेटियों एवं मां के बीच झगड़ा रहता था। विवाद अदालत तक पहुंच चुका है। चंदेल परिवार से संबंध रखने वाले जिला परिषद पंचकूला के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र भाऊ ने बताया कि राजबाला के पास आभूषण एवं नगदी थे।