अक्सर कैश के लिए परेशान होने वाले लोगों के लिए ये अच्छी खबर हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही आम जनता एटीएम की बजाय अपने आस-पास की किराना दुकानों से भी कैश ले सकती है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में घटती एटीएम की संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए एक समिति गठित की है। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में आरबीआई को सौंपी है। इस रिपोर्ट में समिति ने आरबीआई से सिफारिश की है कि वे छोटे शहरों में दुकानदारों के जरिए कैश सप्लाई करें। बता दें कि, नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने आरबीआई को कैश उपलब्ध कराने संबंधित ये सुझाव दिया है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि, खर्च बढ़ने की वजह से बैंक अपने एटीएम बंद कर रहे हैं। एटीएम की कमी की वजह से अक्सर लोगों को कैश के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में अच्छा होगा की किराना दुकानों के जरिए लोग कैश उपलब्ध कराया जाए। एक रिपोर्ट के मुताबिक समिति ने कैश इन कैश आउट नेटवर्क का प्रस्ताव भी दिया है। इसके जरिए ग्राहक ओआर कोड और आधार आधारित पेमेंट चैनल के द्वारा किराना दुकान से डिजिटल मनी को कैश में बदल सकेंगे।

इस संबंध में कोटक महिंद्रा बैंक के चीफ डिजिटल ऑफिसर दीपक शर्मा ने बताया कि, कैश इन कैश आउट मॉडल की सुविधाओं के लिए तीन करोड़ पीओएस मशीन के रिटेल प्वाइंट की जरूरत होगी। इसके लिए लोकल किराना स्टोर्स और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स अहम कड़ी हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में 49 में से 30 बैंकों ने अपने एटीएम की संख्या घटा दी है। हालांकि इस दौरान बैंकों ने लगभग 6.4 लाख नई पीओएस मशीनें वितरित की हैं। इस मशीन के जरिए लोग अपने एटीएम कार्ड को स्वैप कर किराना दुकान से कैश ले सकेंगे।

Posted By: Sushma Barange