Tiddi Dal Attack in UP, Bihar : उत्‍तर भारत के कई राज्‍यों से होता हुआ टिड्डियों का दल अब यूपी और बिहार में घुस आया है। किसान टिड्डियों के भगाने के लिए तरह-तरह के प्रयास करने लगे हैं। बिहार के गोपालगंज में कटेया प्रखंड की बैरिया पंचायत के बैरिया के हसनपुर तथा रुद्रपुर पंचायत के भरपटिया गांव में शनिवार को टिड्डियों का बड़ा दल पहुंचा गया।। टिड्डियों के दल को देखकर किसानों में हड़कंप मच गया । आनन-फानन में इसकी सूचना कृषि विभाग को देते हुए इसी बीच कृषि विभाग के पदाधिकारी व कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। कृषि विभाग के पदाधिकारियों तथा किसानों ने ढोलक, झाल तथा टीन बजाना शुरू किया। जिससे लाखों की संख्या में टिड्डियों का यह दल उत्तर प्रदेश की तरफ उड़ गया।

बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे कटेया प्रखंड की बैरिया पंचायत के हुसेनपुर तथा बैरिया गांव में शनिवार की सुबह टिड्डियों का एक दल पहुंचा गया। टिड्डियों का दल खेत में अभी उतरना शुरू ही किया था कि किसान उन्हें देखकर सक्रिय हो गए। किसान आनन-फानन में ढोलक, झाल, टीन सहित विभिन्न तरह के आवाज निकालने वाले उपकरणों की सहायता से टिड्डियों को भगाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच किसानों से सूचना मिलते ही प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजकुमार कृषि विभाग के कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच कर टिड्डियों के भगाने में सहयोग करने लगे।

कुछ देर बाद टिड्डियों का दल यहां से निकलकर इसी प्रखंड की रुद्रपुर पंचायत के भरपटिया गांव के एक खेत में पहुंच गया। यहां के किसानों को टिड्डियों के दल के आने की जानकारी पहले ही लग गई थी। टिड्डियों को दल पहुंचते ही किसानों ने ढोल, झाल व टीन बजाकर उन्हें वहां से भगा दिया। टिड्डियों का दल उत्तर प्रदेश की तरफ निकाल गया। हालांकि कुछ टिड्डी खेत में पानी होने के कारण उसी में फंस गए । वे उड़ नहीं पाए। इसी बीच मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के कर्मियोंं ने खेत में साइको 505 का छिड़काव कर टिड्डियों को मार दिया।

छायादार वृक्ष पर रात में विश्राम करता है टिड्डियों का दल

टिड्डियों का दल जमीन से लगभग दो सौ फिट की ऊचाई से होकर जाता है और अक्सर घने व छायादार बड़े वृक्षों पर रात में ही विश्राम किया जाता है। अगर किसान जागरूक रहेंगे तो टिड्डियों के के आतंक से बचा जा सकता है। टिड्डियों से बचाव के लिए कृषि विभाग ने सभी पंचायतों में एक टीम का गठन कर दिया है। किसी भी पंचायत के किसी गांव में अगर टिड्डियों का दल पहुंचता है तो अग्निशमन दस्ता के माध्यम से दवा का छिड़काव कर उन्हें मारने की व्यवस्था कृषि विभाग द्वारा की गई है। किसान भी इससे बचाव के लिए अपने स्तर से साइपर 505, क्लोरोपोडिफास का छिड़काव कर सकते हैं।

टिड्डियों से बचाव के लिए ग्राम रक्षा दल गठन

प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि टिड्डियों के दल से फसल को बचाने के लिएकृषि विभाग पूरी तरह तैयार है । बचाव की हर तैयारी विभाग द्वारा कर ली गई है । सभी राजस्व गांव में कृषि विभाग ने ग्राम रक्षा दल का गठन कर दिया है । किसान स्वयं भी अपने खेतों का प्रतिदिन निरीक्षण कर रहे हैं।

Posted By: Navodit Saktawat