ट्विटर ने भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और कई अन्य नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया है। इस पर ट्विटर का कहना है कि 'हमारी वेरिफिकेशन पॉलिसी के अनुसार, यदि अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है तो ब्लू वेरिफाइड बैच को हटाया जा सकता है।' इस वजह से ट्विटर ने उन अकाउंट को अनवेरीफाइड कर दिया है, जो पिछले 6 महीने से एक्टिव नहीं थे। ट्विटर के इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा हो रहा है। ट्विटर ने उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू का अकाउंट अनवेरिफाइड करने के कुछ घंटे बाद फिर से वेरीफाइड कर दिया है। हालांकि, मोहन भागवत समेत बाकी सभी नेताओं के अकाउंट अभी भी अनवेरिफाइड ही हैं।

वेरीफाइड अकाउंट के लिए यूजर का एक्टिव रहना जरूरी

ट्विटर की पॉलिसी के अनुसार अकाउंट रजिस्टर होने के बाद यूजर को कम से कम 6 महीने में एक बार लॉग इन करना जरूरी है। लंबे समय तक लॉग इन नहीं करने पर आपके अकाउंट को स्थायी तौर पर हटाया जा सकता है। मोहन भागवत के अलावा संघ के दो शीर्ष नेता अरुण कुमार और सुरेश सोनी का अकाउंट भी अनवेरिफाइड कर दिया गया है। उपराष्ट्रपति ने 23 जुलाई 2020 को अंतिम ट्वीट किया था वहीं संघ के दोनों नेताओं ने कभी कोई ट्वीट ही नहीं किया।

Posted By: Navodit Saktawat