नई दिल्ली। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने माना है कि यूजर्स द्वारा सुरक्षा के उद्देश से उपलब्ध कराए गए ईमेल एड्रेस और फोन नंबरों जैसे डाटा को अनजाने में विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किया गया है। इसके गलती के लिए कंपनी ने यूजर्स से माफी मांगी है। ट्विटर ने कहा, 'हमें हाल ही में पता चला कि अकाउंट सुरक्षा के मकसद से उपलब्ध कराए गए कुछ ईमेल एड्रेसेज और फोन नंबरों का संभवतः अनजाने में विज्ञापन के लिए उपयोग किया गया है। लेकिन अब यह नहीं हो रहा है और हम हालात के बारे में आपको ज्यादा स्पष्ट जानकारी देना चाहते हैं।' ट्विटर ने अपने बयान में कहा कि वे निश्चित तौर पर यह नहीं बता सकते कि इस वजह से कितने लोग प्रभावित हुए हैं। लेकिन पारदर्शिता के प्रयासों के अंतर्गत हम हर किसी को जागरूक करना चाहते हैं। कंपनी ने इस मामले में आगे कहा कि कोई भी निजी डाटा किसी साझीदार या किसी अन्य तीसरे पक्ष के साथ बाहरी तौर पर साझा नहीं किया गया है। ट्विटर ने कहा, 'हमें इस बात का दुख है कि ऐसा हुआ है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि ऐसी गलती दोबारा न हो।' कंपनी ने कहा कि इस संबंध मे किसी भी तरह की पूछताछ के लिए ट्विटर यूजर्स एक फॉर्म भरकर डाटा प्रोटेक्शन ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं। ट्विटर ने बयान में स्पष्ट किया कि जब विज्ञापनदाता अपनी मार्केटिंग लिस्ट अपलोड करता है तो यह ईमेल और फोन नंबरों के आधार पर ट्विटर यूजर्स की लिस्ट से मैच हो गई होगी। कंपनी ने कहा, 'यह एक चूक थी और हम इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।'

2012 से 2016 के बीच याहू ईमेल अकाउंट रखने वाले अमेरिकियों और इजरायल के रहवासियों को डाटा उल्लंघन के मामले में 358 डॉलर तक का मुआवजा मिल सकता है। डाटा उल्लंघन के इस मामले में हैकर्स ईमेल एड्रेसेज के अलावा टेलीफोन नंबर्स, जन्म तिथियां, पासवर्ड और यहां तक कि सिक्योरिटी क्वेश्चंस के जवाब भी जानने में सफल हो गए थे।