Twitter Moves Karnataka HC: ट्विटर ने भारत सरकार के कुछ आदेशों को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में अधिकारियों पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। कंपनी ने कंटेंट को लेकर सरकार के कुछ आदेशों को वापस लेने की मांग उठाई है। न्यायिक समीक्षा का माइक्रोब्लॉगिंग साइट का यह प्रयास भारत सरकार के साथ बढ़ते तनाव का हिस्सा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कोई चाहे भी कंपनी हो, किसी भी सेक्टर की हो। उन्हें भारत के कानून मानने ही होंगे। यह हर एक की जिम्मेदारी है कि वह संसद द्वारा पारित कानूनों का पालन करें।

भारतीय अधिकारियों ने ट्विटर से अलग खालिस्तान सपोर्ट, कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और कोरोना महामारी से निपटने में सरकार की आलोचना करने वाली पोस्ट समेत विभिन्न सामग्रियों पर कार्रवाई करने को कहा है। पिछले महीने हीमंत्रालय ने ट्विटर को कुछ आदेशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दायित्वों से छूट हासिल रखने के लिए ट्विटर ने इस हफ्ते उन आदेशों का अनुपालन किया है। वहीं, कर्नाटक हाई कोर्ट में दायर याचिका में ट्विटर ने दलील दी है कि सामग्री हटाने के कुछ आदेशों में सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) अधिनियम की प्रक्रियागत आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया गया है। साथ ही कुछ आदेशों में सामग्री के रचनाकारों को नोटिस नहीं दिए गए हैं। याचिका में ट्विटर ने कहा है कि कुछ आदेश राजनीतिक पार्टियों के आधिकारिक हैंडलों से पोस्ट की गई राजनीतिक सामग्री से संबंधित हैं और उन्हें ब्लाक करने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा।

Posted By: Arvind Dubey

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