गंगटोक। सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के दो विधायक सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) में शामिल हो गए। एसडीएफ को बुधवार को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है। इससे पहले मंगलवार को एसडीएफ के दस विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

राज्य में 25 साल तक सत्ता में रहने वाली एसडीएफ के विधानसभा में सिर्फ एक विधायक पवन कुमार चामलिंग रह गए हैं। 1993 में चामलिंग ने ही पार्टी की स्थापना की थी। वह पिछले 26 सालों से पार्टी के अध्यक्ष हैं। विधायक जीटी धुंगल और इम प्रसाद शर्मा ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर एसकेएम में शामिल होने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमने एसकेएम में शामिल होने का फैसला किया क्योंकि हम इसके नेतृत्व और नीति के साथ कापी सहज महसूस करते हैं।

उन्होंने कहा कि एसकेएम ही एकमात्र क्षेत्रीय दल है जो स्थानीय लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।गौरतलब कि एसकेएम में शामिल होने वाले इन दोनों विधायकों ने कुछ दिनों पहले एसडीएफ नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करते हुए बजट सत्र में भाग लिया था। इन लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष एलबी दास से एसडीएफ-2 के रूप अलग सीट दिए जाने की भी मांग भी की थी, जिसे बाद में मान लिया गया था।

32 सदस्यीय सिक्किम विधानसभा में 17 विधायक एसकेएम और 15 विधायक एसडीएफ के थे। हालांकि एसडीएफ के दो और एसकेएम का एक विधायक दो-दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए थे। इस तरह तीन विधानसभा सीटों पर अभी उपचुनाव होने हैं। दो एसडीएफ विधायकों के शामिल होने के बाद सत्तारूढ़ एसकेएम के विधायकों की संख्या 18 हो गई है। वहीं अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाने वाली भाजपा एसडीएफ के 10 विधायकों के पाला बदलने के बाद विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बन गई है।