नई दिल्ली। NMC Bill के नए प्रावधानों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नए नियमों के लेकर हेल्थ प्रोवाइडर्स को राहत देने की बात कही जा रही है। इस सबके बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए प्रावधानों को लेकर गलतफहमी फैल रही है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा 'इस बिल को लेकर ये गलतफहमी फैल रही है कि इसे हेल्थ प्रोवाइडर्स को वैधानिक मुश्किलों से बचाने के लिए बनाया गया है। लेकिन इसके उलट, इसके प्रावधानों में अब सजा को 1 साल तक बढ़ा दिया गया है, वहीं जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख तक कर दिया गया है।'

केंद्र सरकार द्वारा NMC Bill के नए प्रोविजन्स के साथ पास करा लिया गया है। इसका रेसीडेंट डॉक्टर्स लगातार विरोध कर रहे हैं। इस बिल के नए प्रावधानों को लेकर सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विरोध के चलते डॉक्टर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल भी कर दी थी। हालांकि अनुच्छेद 370 पर देश की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए डॉक्टर्स द्वारा इस हड़ताल को अस्थाई तौर पर खत्म कर दिया गया था।

इस बिल के तहत इंडियन मेडिकल काउंसिल को दिए गए कई अधिकारियों को वापस ले लिया गया है। इसके साथ ही एमबीबीएस के डॉक्टर्स के लिए एग्जिट एक्जाम को अनिवार्य किया गया है।

Posted By: Neeraj Vyas