देश में कोरोना महामारी के केस दोबारा बढ़ने लगे है। ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकार अलर्ट मोड़ पर आ चुकी है। राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोविड के 2716 नए मामले सामने आए है। वहीं उत्तराखंड में ओमिक्रोन के चार मामलों की पुष्टि हपई है। इस बीच भारत सरकार लगातार प्रदेशों के लिए एडवाइजरी जारी कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को कोरोना वायरस से निपटने के उपायों पर पत्र लिखा है।

मेडिसिन और ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडारण

राजेश भूषण ने प्रदेशों को अस्थायी अस्पताल स्थापित करने और होम आइसोलेशन में रोगियों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन करने को कहा है। केंद्र ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को रैपिड टेस्ट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर मेडिसिन और ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को भी कहा है।

टेस्ट बढ़ाने की सलाह

सरकार ने पत्र में कोविड से निपटने के लिए तैयारियों को चाकचौबंद रखने की सलाह दी है। केंद्र ने राज्यों को कहा, 'देश में प्रतिदिन 20 लाख से अधिक टेस्ट करने की क्षमता है। इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है।'

गली-मोहल्ले में कैंप लगाए

केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि कोरोना के केस बढ़ने पर अगर अचानक बड़ी संख्या में टेस्ट कराने की जरूरत पड़ती है। प्रदेशों को रैपिट एंटीजन टेस्ट ज्यादा करना चाहिए। सरकार ने कहा कि मामलों की रोकथाम के लिए प्राथमिक मेडिकस सेंटर्स, अस्पतालों और सभी डिस्पेंसरियों को टेस्ट करने की इजाजत दी जानी चाहिए। वहीं गली-मोहल्ले में भी अस्थायी कैंप लगाकार रैपिड एंटीजन टेस्ट कर सकते हैं।

Posted By: Navodit Saktawat