चेन्नई Unique Wedding । ममता बनर्जी की शादी रचाने की खबर पढ़कर यदि आप हैरान हो रहें हैं तो चौंकिए मत क्योंकि हम यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बात नहीं कर रहे हैं। हम यहां जिक्र कर रहे हैं तमिलनाडु के सलेम जिले में रहने वाले एक ऐसे युवा जोड़े के बारे में जो 13 जून को शादी रचाने जा रहा है। दरअसल इस जोड़े की शादी की पत्रिका इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। इसमें सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि ममता बनर्जी के दूल्हे का नाम भी 'समाजवाद' है।

दूल्हे 'समाजवाद' का परिवार में सभी के अजीब नाम

दूल्हे 'समाजवाद' के पिता का नाम केए मोहन हैं और उन्होंने अपने तीन बेटों का नाम साम्यवाद, लेनिनवाद और और समाजवाद रखा है, वहीं उनके एक पोते का नाम मार्क्सवाद है। केए मोहन के बेटे 'समाजवाद' का विवाह हाल ही में ममता बनर्जी से है। ममता का परिवार भी राजनीति में सक्रिय है और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है।

ममता के. पलानीस्वामी और पी.नीलमबल की बेटी हैं। रविवार 13 जून को सेलम के कट्टूर में अमानी कोंडलमपट्टी क्षेत्र में ममता बनर्जी के साथ समाजवाद की शादी होने वाली है। दुल्हा-दुल्हन के परिवारों में गहरा संबंध है। केए मोहन भाकपा के विल्लुपुरम जिला सचिव रह चुके हैं और वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव पीपुल्स वेलफेयर एलायंस के उम्मीदवार के रूप में लड़ चुके हैं।

इसलिए रखा बच्चों का ऐसा नाम

मोहन ने बताया कि 1991 में जब सोवियत संघ टूट कर बिखर गया था तो साम्यवाद खत्म हो चुका था, तब शादी से पहले ही मैंने सोच लिया था कि मैं अपने बच्चों का नाम ऐसे रखूंगा, जो इस विचारधारा को दर्शाता हो। इस तरह से मैंने अपने तीनों बच्चों का नाम साम्यवाद, समाजवाद और लेनिनवाद रखा और मार्क्‍सवाद मेरा पोता है।" हालांकि बच्चों के इस तरह के नाम पर स्कूल, परिवार व समाज में हंसी का पात्र भी बनना पड़ा और कई बार आलोचना और अपमान भी सहना पड़ा, लेकिन इस कारण से अब सबका ध्यान हम पर आ गया है।

समाजवाद और लेनिनवाद गहनों के व्यापारी, साम्यवाद बना वकील

तीनों भाइयों में से समाजवाद और लेनिनवाद गहनों के व्यापार से जुड़े हैं, वहीं एक अन्य भाई साम्यवाद पेशे से वकील हैं। समाजवाद ने बताया कि मुझे खुशी है कि मेरी होने वाली पत्नी का नाम भी पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम पर है। ममता के माता-पिता कांग्रेस समर्थक हैं और इसलिए उन्होंने अपनी बेटी का नाम इसलिए ममता बनर्जी रखा क्योंकि एक तेजतर्रार नेता हैं। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री खुद भी पहले कांग्रेस में थी और बाद में अलग होकर खुद की पार्टी तृणमूल कांग्रेस बनाई थी।

Posted By: Sandeep Chourey

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