यूपी चुनाव 2022: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों और नेताओं ने कमर कस ली है। ताजा खबर समाजवादी खेमे से है। यहां अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच सुलह हो गई है। गुरुवार को दोनों की मुलाकात हुई। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव भावुक भी हो गए। माना जा रहा है कि दोनों मिलकर चुनाव लड़ेंगे। यानी पिछले करीब 6 साल से दोनों के बीच अनबन चल रही थी। बहरहाल, चाचा-भतीजे की सुलह पर भाजपा की प्रतिक्रिया आ गई है। योगी सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि चाचा भतीजे के गठबंधन करने से उत्तर प्रदेश चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है।

बता दें, समाजवादी पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए शिवपाल सिंह ने खुद को पार्टी से अलग कर दिया था और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई है। यह बात और है कि शिवपाल अभी समाजवादी पार्टी के ही विधायक हैं। उनकी पार्टी ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन बुरी तरह हार गई थी। अब माना जा है कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में विलय हो जाएगा या दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बता दें, अखिलेश यादव आक्रामक रूप से प्रचार कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इस बार यूपी में साइकिल की सरकार बनने जा रही है।

वहीं भाजपा का कहना है कि यूपी में विपक्ष बंटा हुआ है और बिना मुद्दों के राजनीति कर रहा है। भाजपा को पूरी उम्मीद है कि योगीजी के नेतृत्व में एक बार फिर सरकार बनेगी।

Posted By: Arvind Dubey