चंडीगढ़। हरियाणा सरकार जातीय संघर्ष में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश व असम के पुलिस प्रमुख रह चुके पद्मश्री प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

तेजतर्रार अधिकारी रहे प्रकाश सिंह ने पुलिस सुधार पर कई पुस्तकें लिखी हैं। उत्तर प्रदेश में उनके कार्यकाल के दौरान तराई क्षेत्र के माफिया और आतंकवाद के विरुद्ध अभियान चलाया गया था। प्रकाश सिंह फिलहाल सिर्फ जाट आंदोलन में पुलिस और सिविल प्रशासन के उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेंगे, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान कोताही बरती और चूक की। वह 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे।

आईएएस और आईपीएस कैडर के दो-दो सेवारत अधिकारी जांच में उनकी सहायता करेंगे। सीआईडी/सीबीआई का अनुभव रखने वाले सेवारत या सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक/निरीक्षक के पद के दो इनवेस्टीगेटर की सेवाएं भी उन्हें दी जाएंगी। प्रकाश सिंह प्रदेश में वर्तमान कानून एवं व्यवस्था की वर्तमान ढांचा, प्रक्रियाओं और प्रणालियों का अध्ययन कर शुरूआत करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जाएं। इसकी रिपोर्ट एक माह में अलग से दी जाएगी। इस कार्य में राज्य सरकार के दो सेवारत पुलिस अधिकारी, जिनका उनके साथ परामर्श कर चयन किया जाएगा, सहायता करेंगे।

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