Uttar Pradesh: योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान 31 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में सरेंडर कर दिया है। कुछ देर बार ही उन्हें जमानत मिल गई। उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई थी। दरअसल कानपुर की एक कोर्ट से जमानत मुचलका भरे बिना सचान के अदालत कक्ष से गायब होने के मामले में रविवार को प्रारंभिक जांच शुरू की थी। मामले में निचली अदालत के दोषसिद्धि आदेश के खिलाफ सत्र कोर्ट में अपील दायर को लेकर राकेश सचान आज (सोमवार) जमानत के लिए कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कानूनी सुरक्षा प्राप्त करने के लिए जमानत बांड किया। जिसके बाद जमानत मिली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालत के पेशकार की तरफ से कानपुर कोतवाही में तहरीर दी गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई। ऐसे में पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने प्राथमिकी दर्ज करने से पहले लिखित शिकायत में कैबिनेट मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने के आदेश दिए थे।

31 साल पुराना आर्म्स एक्ट केस

मंत्री राकेश सचान पर 31 साल पहले आर्म्स एक्ट केस में दोषी पाए गए थे। 6 अगस्त को सजा तय होने से पहले शहर की एक अदालत से जमानत बांड प्रस्तुत किए बिना गायब होने का आरोप भी लगा। जिसपर सचान ने आरोपों से इनकार कर दिया था।

मंत्री सचान का राजनीतिक सफर

राकेश सचान 1993 और 2002 में घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के विधायक चुने गए। 2009 के चुनाव में सचान सपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। फतेहपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा और जीते। साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले राकेश भाजपा में शामिल हो गए। जिसके बाद कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट से जीतकर कैबिनेट मंत्री बने।

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