Vice President Election 2022: बीजेपी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने धनखड़ को किसान पुत्र बताया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि मुझे यकीन है कि वे राज्यसभा में उत्कृष्ट अध्यक्ष होंगे। राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि ये एक बड़ी बात है कि पहली बार जाट समुदाय से आने वाले जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार चुना गया है। यही नहीं राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार भी जनजातीय क्षेत्र से है। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि धनखड़ जी को हार्दिक बधाई। राजस्थान के किसी व्यक्ति को इस पद पर बिठाना सम्मान का विषय है।

जदयू का समर्थन

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने एनडीए के उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के लिए अपनी पार्टी का समर्थन व्यक्त किया। वहीं बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह ने कहा, यह बहुत खुशी की बात है कि पहली बार राष्ट्रपति आदिवासी समाज से आ रही हैं और उपराष्ट्रपति उम्मीदवार ओबीसी समाज से है। यह राजस्थानियों के लिए विशेष रूप से बहुत गर्व की बात है।

6 अगस्त को होगा मतदान

माना जा रहा है कि जगदीप धनखड़ सोमवार या मंगलवार को नामांकन कर सकते हैं। मंगलवार को नामांकन की अंतिम तिथि है। उपराष्ट्रपति पद के लिए 6 अगस्त को मतदान होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ संसदीय बोर्ड की लगभग एक घंटे चली बैठक में धनखड़ के नाम पर सहमति बनी।

धनकड़ का राजनीतिक जीवन

जगदीप धनकड़ कानूनी मामलों के विशेषज्ञ हैं। वह सुप्रीम कोर्ट के वकील रह चुके हैं और झुंझुनू से लोकसभा सीट जीतने के बाद वह केंद्र में संसदीय कार्य राज्य मंत्री का काम भी देख चुके हैं। उनका राजनीतिक जीवन लगभग तीन दशक लंबा रहा है। एक प्रशासक के रूप में वह सख्त और बेबाक हैं। जुलाई 2019 में बंगाल के राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद से ममता बनर्जी सरकार के साथ उनके रिश्ते ठीक नहीं रहे।

गौरतलब है कि रविवार को विपक्षी दल उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के नाम पर फैसला करेंगे। दरअसल, धनखड़ एक जुझारू व्यक्तित्व वाले नेता हैं और राज्यसभा का संचालन बखूबी निभाने में सक्षम होंगे। राजनीतिक पहलू भी कम नहीं है। हरियाणा में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में है। प्रदेश में भाजपा पर जाटों की अनदेखी का आरोप लगता रहा है। राजस्थान से धनखड़ खुद आते हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले जाट समुदाय की ओर से यह निराशा जताई गई थी। उन्हें सही प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। अब देश में दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद जाट समुदाय से आए व्यक्ति को मिलेगा।

Posted By: Navodit Saktawat

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