Sardar Patel Jayanti 2019: देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती गुरुवार को मनाई जा रही है। सरदार वल्‍लभभाई पटेल अक्सर कहा करते थे, 'शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो जाये, पर हथौड़ा तो ठंडा रहकर ही काम दे सकता है।' वे इस बात पर अमल भी करते थे। अगर सरदार पटेल न होते तो आज भारत का स्‍वरूप ऐसा नहीं होता। भारत को एक सूत्र में पिराने का श्रेय उन्‍हें ही जाता है। आजाद भारत में रियासतों को जोड़ने का जो काम उन्‍होंने किया उनका यह योगदान इतिहास में दर्ज है।

सरदार पटेल पर एक बायोपिक 'सरदार' भी बन चुकी है जिसमें उनके अद्भुत व्‍यक्तित्‍व और इन्‍हें योगदानों को सामने रखा है। 1993 में आई इस फि‍ल्‍म में सरदार पटेल का किरदार परेश रावल ने निभाया है। केतन मेहता न‍िर्देशित और नाटककार विजय तेंडुलकर लिखी फि‍ल्‍म के इस क्लिप में सरदार पटेल और हैदराबाद में रजाकार सेना के प्रमुख कासिम रिजवी के बीच संवाद बताया है। आज पटेल के धैर्य और समझ को इस क्लिप में बेहतर तरीके से देख सकते हैं।

इस फ‍िल्‍म में विभाजन के बाद रियासतों को भारत में जोड़ने की प्रक्रिया को फ‍िल्‍माया है। यह फ‍िल्‍म कश्‍मीर, जूनागढ़ और हैदराबाद को भारत में विलय से जुड़ी समस्‍याओं को बखूबी पेश करती है। फि‍ल्‍म में नेहरू और सरदार के बीच मतभेदों को भी दर्शाया गया है। फ‍िल्‍म के अंत में सरदार को एक गांव में आराम करते यह कहते हुए बताया है कि आज कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र है।

Posted By: Sonal Sharma