इटावा। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी आ रही है कि यूपी एसटीएफ कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले दुर्दांत अपराधी और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के करीब पहुंच चुकी है। उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि उसे आखिरी बार नोएडा में देखा गया था। इधर, पुलिस ने उसके दो साथियों को अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ में मार गिराया है।

एक साथी रणवीर उर्फ बउवा शुक्ला को इटावा में मारा गया है और दूसरे साथी प्रभात मिश्रा को कानपुर के पनकी में ढेर कर दिया है। दोनों ही मुठभेड़ में जिस तरह का अपराधियों का रवैया था, उससे नहीं लगता है कि उनमें पुलिस को लेकर कोई खौफ ही नहीं है।

पुलिस ने बताया कि इटावा की सिविल लाइन पुलिस ने कचौरा रोड पर एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि वह कानपुर के बिकरू कांड के दौरान भी मुख्य आरोपी विकास दुबे के साथ मौजूद था। बदमाश के कब्जे से एक पिस्टल, एक डबल बैरल और कई अन्य कारतूस बरामद किए गए हैं।

ऐसे हुई घेराबंदी

कानपुर-इटावा हाई-वे पर बकेवर इलाके के महेवा के पास सुबह तीन बजे एक स्विफ्ट डिजायर को लूट कर भाग रहे चार बदमाशों को सिविल लाइन इलाके में कचौरा रोड पर पुलिस ने घेरकर के रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की।

जवाबी फायरिंग में पुलिस ने भी गोलियां चलाई, जिसमें एक बदमाश ढेर हो गया, जबकि अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि बदमाश आगरा की तरफ भाग रहे थे। एक बदमाश स्विफ्ट डिजायर कार लेकर जा रहा था, जबकि तीन अन्य दूसरी कार में सवार थे।

लूटी हुई स्विफ्ट डिजायर कार पेड़ से टकरा गई थी, जिसके बाद वह बदमाश उससे उतरकर भागा। पुलिस के पीछा करने पर बदमाश ने गोली चलाई और जवाबी गोली-बारी में वह ढेर हो गया।

कानपुर में मारा गया प्रभात मिश्रा

वहीं, पुलिस ने कल फरीदाबाद में प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार किया था। फरीदाबाद की कोर्ट में पेश करने के बाद यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी और यूपी एसटीएफ की टीम इस्कॉर्ट कर रही थी। इस बीच कानपुर के पनकी के पास पुलिस की गाड़ी पंचर हो गई थी। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर प्रभात ने भागने की कोशिश की। उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए दौड़ लगा दी। पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें प्रभात मिश्रा मारा गया।

फरीदाबाद में उसके कब्जे से चार पिस्टल और 44 कारतूस बरामद किए गए थे। इसमें 2 पिस्टल कानपुर में हुए कांड के बाद पुलिस से लूटी गई थीं। फरीदाबाद से प्रभात को कानपुर में लाने के दौरान पनकी थाना क्षेत्र में पुलिस की गाड़ी पंक्चर हो गई। इस बीच प्रभात ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और पीछा करने पर पुलिस पार्टी पर फायरिंग की।

इसमें एसटीफ के दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से उनकी जान को कोई गंभीर खतरा नहीं है। बताया जा रहा है कि प्रभात ने पिस्टल की पूरी मैग्जीन खाली कर दी थी। हालांकि, आखिरी गोली चली नहीं और फंस गई। वहीं, जवाबी फायरिंग में गोली लगने से प्रभात भी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

फरीदाबाद में दिखा था विकास दुबे

बताते चलें कि बुधवार को जानकारी सामने आई थी कि विकास दुबे फरीदाबाद में देखा गया था। वह एक फर्जी आईडी कार्ड के जरिये होटल में कमरा लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पहचान-पत्र में फोटो साफ नहीं होने की वजह से उसे कमरा नहीं दिया गया था। इसके बाद वह ऑटो से वहां से चला गया था। इस मामले में ही पुलिस ने फरीदाबाद में विकास को शरण देने वाले उसके दो साथियों के साथ प्रभात मिश्रा को भी गिरफ्तार किया था।

बुधवार को मारा गया दाहिना हाथ

बुधवार को पुलिस ने विकास दुबे के दाहिने हाथ और उसके भतीजे अमर दुबे को हमीरपुर के पास मार गिराया था। अमर दुबे घटना वाली रात को विकास दुबे के साथ मौजूद था। उसकी पत्नी और परिवार के अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। अमर दुबे की शादी कानपुर एनकाउंटर के तीन दिन पहले 29 जून को हुई थी। बताया जा रहा है कि अमर ने हमीरपुर में जिस घर में छुपकर शरण ली थी, उस घर के कुछ लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस