Weather Alert: बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के एक बड़े हिस्से में बाढ़ जैसे हालात हैं, वहीं एक हिस्सा ऐसा भी है जहां जुलाई माह में उम्मीद के कम बारिश हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई में मानसूनी बारिश 10 फीसदी कम हुई। सुकून वाली बात यह है कि मौसम के शेष दो महीनों में मानसून के सामान्य रहने का अनुमान है। IMD महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के कुछ इलाकों में कम बारिश होने की वजह से जुलाई के महीने में बारिश 10 फीसदी कम दर्ज हुई। पहले अनुमान था कि जुलाई में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की 103 फीसदी बारिश होगी जो सामान्य की श्रेणी में आती है। जून में सामान्य से 17 फीसद अधिक बारिश हुई थी।

अपने दीर्घावधि अनुमान में मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त में दीर्घकालिक औसत की 97 फीसदी वर्षा की संभावना है। वहीं बारिश के मौसम के बाकी बचे दो महीनों में कुल मिलाकर पूरे देश में औसत की 104 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है। मालूम हो, भारत में दीर्घकालिक औसत की 96 से 104 फीसदी बारिश सामान्य मानी जाती है।

इन राज्यों में कम बारिश हुई

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में 18 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मानसूनी बारिश क्रमशः 49 और 61 फीसदी कम रही। दिल्ली में 24 फीसदी कम दर्ज की गई।

गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन दीव में जुलाई माह में मानसून की बारिश 4 फीसदी कम रही।

इन राज्यों में हुई अधिक बारिश

आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप व पुडुचेरी में 12 फीसदी अधिक बारिश हुई। बंगाल, बिहार, झारखंड, और पूर्वोत्तर राज्यों में करीब 12 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

Posted By: Arvind Dubey

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