Weather Forecast : चक्रवात बावेरी के गुरुवार देर रात तक तमिलनाडु के दक्षिणी तट को पार करने की आशंका है। राज्य सरकार ने इससे प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट कर दिया है। सरकार ने प्रभावित होने वाले लोगों के लिए अस्थाई आश्रय गृह बनाए हैं। उसने मछुआरों को भी अलर्ट किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान के 90 किलोमीटर तक की रफ्तार पकड़ने की आशंका है। इससे दक्षिण तमिलनाडु के रामनाथपुरम, थुथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी सहित दक्षिण केरल के निकटवर्ती जिले प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार, उत्तर तमिलनाडु के पुडुचेरी और कराईकल में शुक्रवार को भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इस तूफान से कोई नुकसान न हो, इसको लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरों को भी उसने सतर्क करते हुए नजदीक स्थित तटों पर जल्द से जल्द जाने को कहा है। खतरे को देखते हुए दक्षिण रेलवे ने अपनी कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

कई शहरों में भारी से भी बहुत भारी बारिश का खतरा

मौसम के जानकारों ने चेताया है कि अगले तीन दिन यानी 2 से 4 दिसंबर तक दक्षिण भारत के कई शहरों में भारी से भी बहुत भारी बारिश का खतरा है। बंगाल की खाड़ी में उपजे समुद्री तूफान निवार को बीते अभी एक सप्‍ताह भी नहीं हुआ है और एक बार फिर से भीषण बारिश के लिए एक नया मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी में उभर चुका है। इसके चलते प्रशासन सतर्क हो गया है और सभी को अलर्ट कर दिया है। तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों सहित केरल के कई भागों में एक बार फिर आफत की बारिश हो रही है। तेज हवा और भारी बारिश से भारी नुकसान की आशंका है। निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं। तमिलनाडु के तटों पर भारी बारिश जारी रहेगी 3 दिसंबर की रात या 4 दिसंबर की सुबह को समुद्री तूफान तमिलनाडु कोर्ट के तट को पार करेगा। बारिश के चलते व्यापक रूप में नुकसान होने की आशंका है। इस समय यह मौसमी सिस्टम दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर है। यही सिस्टम आगामी चौबीस घंटों के दौरान यह और सशक्त बनेगा।

व्यापक रूप से नुकसान होने की आशंका

स्कायमेट के मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि वर्तमान मौसमी स्थितियों के आधार पर इस सिस्टम के पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी दिशा में जाने की संभावना है और 2 तथा 3 दिसंबर की समय सीमा के बीच पुदुचेरी तथा तमिलनाडु के आसपास लैंडफॉल कर सकता है। इसके चलते 1 दिसंबर से लेकर 3 दिसंबर तक तमिलनाडु के तटीय और उत्तरी भागों तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में भीषण वर्षा हो सकती है। बारिश के चलते व्यापक रूप से नुकसान होने की आशंका है। स्कायमेट वेदर का कहना है कि, 1 दिसंबर से लेकर 3 दिसंबर तक तमिलनाडु के तटीय और उत्तरी भागों तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में भीषण वर्षा हो सकती है।

मौसम विभाग IMD का यह है अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-तमिलनाडु (कन्नियाकुमारी, तिरुनेलवेली, थुथुकुडी, तेनकासी, रामनाथपुरम और सिवागंगई) पर 2 और 3 दिसंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तर तमिलनाडु, पुदुचेरी, माहे और कराइकल और उत्तर केरल में 2 और 3 दिसंबर को अलग-थलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, 4 दिसंबर को भारी वर्षा और 1 दिसंबर को तटीय तमिलनाडु में भारी वर्षा पर भारी वर्षा हो सकती है। आईएमडी के अनुसार मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 1 दिसंबर के दौरान बंगाल की दक्षिण-पूर्व खाड़ी में न जाएं। बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और 1 से 3 दिसंबर तक पूर्वी श्रीलंका तट और कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु-केरल और पश्चिम श्रीलंका 2 से 4 दिसम्बर तक इसका असर जारी रहेगा।

तमिलनाडु, केरल पर बुरेवी तूफान का खतरा, पीएम मोदी ने की मुख्यमंत्रियों से बात

तमिलनाडु और केरल पर चार दिसंबर को "बुरेवी" तूफान का ख्रतरा मंडरा रहा है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर उन्हें इस आशंकित आपदा से निपटने के लिए हरसंभव केंद्रीय सहयोग देने का भरोसा दिया है। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी शाखा ने बताया है कि तूफान 4 दिसंबर को तमिलनाडु के तट से टकरा सकता है। इस कारण दक्षिण तमिलनाडु तथा दक्षिण केरल में तीन दिसंबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी और केरल के मुख्यमंत्री पी.विजयन से फोन पर हुई बातचीत के बारे में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर वताया कि हमने बुरेवी तूफान से उत्पन्न स्थितियों पर चर्चा की। केंद्र तमिलनाडु तथा केरल को हरसंभव सहयोग देगा। प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना करता हूं। इस बीच, कन्याकुमारी, तूतीकोरिन, तिरुनेलवेली तथा मदुरै में एनडीआरएफ की टीमें भेज दी गई हैं और नागरकोइल में राहत शिविरें स्थापित किए गए हैं।

जानिये कैसा है यह सिस्‍टम अगले 24 घंटों में क्‍या होगा असर

स्‍कायमेट वेदर के अनुसार अगले 24 घंटों में डिप्रेशन और उसके अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन की क्षमता में आ जाएगा। यह सिस्टम तूफान बनेगा या नहीं अभी इसको लेकर संदेह है, लेकिन डीप डिप्रेशन तूफान से एक कदम की दूरी पर रहने वाला सिस्टम होता है, इसके चलते भी पूर्वी तटीय भागों में खासतौर पर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के इलाकों पर, जहां इसके तटों से टकराने की संभावना है, उन भागों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भीषण वर्षा होने की आशंका रहेगी।

जान और माल के नुकसान की आशंका

वर्तमान मौसमी स्थितियों के आधार पर और मौसम से जुड़े मॉडल से मिल रहे आंकड़ों के आधार पर मौसम वैज्ञानिक यह अनुमान लगा रहे हैं कि यह भी चक्रवाती तूफान निवार के नक्शे कदम पर आगे बढ़ेगा। समुद्र में भी हलचल बढ़ जाएगी इसलिए 30 नवंबर से लेकर कम से कम 3 दिसंबर तक समुद्र में किसी भी तरह की गतिविधि को स्थगित करने का सुझाव है। उस दौरान तटीय इलाकों पर ऊंची ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं जिससे जान और माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए एहतियात के तौर पर समुद्र से आगामी चार-पांच दिनों के दौरान दूर रहने की सलाह दी जाती है।

साभार : स्‍कायमेट वेदर, Skymet Weather, IMD

Posted By: Navodit Saktawat

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