नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में मानसून फिर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने ओडिशा में आने वाले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हुए वज्रपात में अब तक राज्य भर से 16 लोगों की मौत की सूचना है। जानिये ओडिशा सहित उत्‍तराखंड के हालात।

बन रहे बाढ़ के हालात

लगातार बारिश होने से ओडिशा के कंधमाल जिले में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे कंधमाल-कालाहांडी-रायगड़ा के बीच आवागमन बंद हो गया है। लगातार बारिश से हीराकुद जलभंडार का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। बंगाल के पुरुलिया वज्रपात से नौ की मौत हो गई। सभी खेत में काम करते समय वज्रपात की चपेट में आ गए।

अभी और बारिश का अनुमान

दक्षिण 24 परगना में चार लोगों को मौत हो गई है झाड़ग्र्राम में दो लोग और हुगली में एक व्यक्ति की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हो गई। अगले 48 घंटे में दक्षिण बंगाल में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। इस अवधि में कोलकाता में मध्यम से तेज गति की बारिश दर्ज की जाएगी जबकि दक्षिण बंगाल के आठ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की चेतावनी जारी की गई है।

चमोली में बादल फटे

उत्तराखंड के चमोली जिले के तीन गांवों में मौसम काल बनकर बरसा। यहां बादल फटने, आकाशीय बिजली गिरने और भूस्खलन की वजह से छह लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। प्रभावित गांवों में चार आवासीय भवन और पांच दुकानें धराशायी हो गईं। आपदा में 46 मवेशी भी मारे गए। चमोली में चार दिन के अंतराल में दूसरी बार मौसम का जानलेवा कहर बरपा है।

खतरे के निशान के पास ये नदियां

लगातार हो रही बारिश से उत्तराखंड में गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, काली नदी, गोरी नदी और सरयू समेत अधिकांश नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। बागेश्वर में भी पहाड़ियों पर सुबह तीन बजे बादल फटने से कत्यूर घाटी में हड़कंप मच गया। खराब मौसम के कारण केदारनाथ हाईवे बांसवाड़ा में चौथे दिन भी बाधित रहा।

13 से 19 तक यह है अनुमान : उत्तराखंड मौसम केंद्र ने अगले एक सप्ताह तक मौसम के ऐसे ही बने रहने का अनुमान जताया है। 13 से 16 अगस्त तक चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।