मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। मार्च महीने के दस दिन बीत जाने के बाद भी मौसम में अभी ठंडक बनी हुई है। इस बीच छुटपुट बारिश की खबरें भी आ रही हैं। इस बीच, ताजा अनुमान बताते हैं कि 13 मार्च को तीन राज्‍यों में भारी बारिश हो सकती है। स्‍कायमेट वेदर फोरकॉस्‍ट के अनुसार कश्‍मीर, हिमाचल और उत्‍तराखंड में अगले दो दिनों में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।

कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ों पर बीच-बीच में हो रही बर्फबारी का असर यहां भी पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से दिन में तो तेज धूप रहती है, पर रात होते ही गलन बढ़ जाती है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो इस बार मार्च के महीने में तापमान सामान्य से कम चल रहा है।

कुछ दिनों पहले ऐसा लगने लगा था कि जैसे गर्मी शबाब पर आ चुकी है। दिन के साथ ही रात में भी गर्मी का अहसास होने लगा था। बिना पंखा चलाए लोग सो नहीं पा रहे थे।

अचानक मौसम बदला। आसमान में बादलों का कब्जा हो गया। बूंदाबांदी हुई और ठंडी हवाओं से गलन बढ़ गई। एक दो दिन बाद मौसम फिर साफ हो गया। बीच-बीच मौसम की यह करवट ही ठंड को पूरी तरह विदा नहीं हो दे रही है।

रात में बिना गर्म कपड़ों के निकलना मुश्किल

मार्च का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है और गरम कपड़ों के बिना रात को बाहर निकलना मुश्किल है। शहरी क्षेत्र में तो स्थिति ठीक है, पर शहर के बाहर निकलते ही ठंड अपना असर दिखाने लगती है।

मौसम विज्ञानियों की मानें तो पिछले दिनों पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर यहां भी देखने को मिल रहा है। पश्चिमी हिमपात के कारण भी यहां मौसम बदला है। पूरब की हवाएं थमी हुई हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में एक बार फिर मौसम बदल सकता है। बूंदाबांदी भी हो सकती है।

डॉक्टरों ने कहा, सेहत को लेकर रहना होगा सतर्क

मौसम के बदलाव को लेकर सतर्क रहना होगा। जरा सी ढील देने पर बीमारियां सेहत पर हमला कर सकती हैं। चिकित्सकों की मानें तो यह गुलाबी ठंड सेहत बिगाड़ सकती है। खासकर हृदय व सांस रोगियों के लिए यह मौसम सही नहीं है।

मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. अनुभा श्रीवास्तव बताती हैं कि मौसम के बदलते ही बीमारियां भी तेजी से पनपती हैं। खासकर वायरल से संबंधित बीमारियां सेहत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती हैं। ऐसे में सजगता बहुत जरूरी है।

बच्चों का खास ध्यान रखें

बदलते मौसम में वायरल के आक्रमण से बच्चों को बचाना पड़ता है। सर्दी, जुकाम, डायरिया आदि के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को कपड़े पहनाने में कंजूसी न करें। उन्हें भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रखें। धुल धुएं से बचाकर बच्चों को बचाकर रखें।

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