मल्‍टीमीडिया डेस्‍क। एसिड रेन से लेकर ग्लोबल वॉर्मिंग तक और दिल की बीमारियों से लेकर श्‍वसन की समस्‍याओं तक जहरीला वायु प्रदूषण जिम्‍मेदार है। मानव स्‍वास्‍थ्‍य से लेकर पर्यावरण तक इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पिछले 150 वर्षों में कार्बन डाई ऑक्‍साइड के उत्‍सर्जन की दर इससे पहले के हजारों सालों की दर से अधिक है। दुनियाभर में करीब 20 करोड़ लोग वायु प्रदूषण से प्रभावित हैं।

समस्‍या बेहद घातक है। वर्ष 2012 के आंकड़ों की मानें, तो वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 37 लाख प्रीमैच्‍योर डेथ हुई हैं। बीजिंग जैसे कुछ शहर तो धुंए के पर्याय बन गए हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार तय किए गए खतरनाक प्रदूषण के स्‍तर से 20 गुना अधिक प्रदूषण बीजिंग में है।

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डब्‍ल्‍यूएचओ ने वर्ष 2008 से 2013 के बीच 1600 शहरों के आंकड़ों को एकत्र कर रिपोर्ट दी है, जिसके अनुसार, भारत, पाकिस्‍तान और ईरान के शहर दुनिया के सबसे अधिक वायु प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, 2.5 माइक्रोमीटर्स से कम व्‍यास वाले फाइन पार्टिकल्‍स प्रति घन मीटर (पर क्‍यूबिक मीटर) में 10 माइक्रोग्राम्‍स से अधिक नहीं होना चाहिए। इस आधार पर जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित शहरों के नाम।

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