मामल्लापुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए तमिलनाडु का ऐतिहासिक महाबलीपुरम (मामल्लापुरम) सुरक्षा के लिहाजसे अभेद्य किले में तब्दील हो गया है। सुरक्षा इंतजामों के साथ ही सुंदरता के भी उम्दा प्रबंध किए गए हैं। जिनपिंग शुक्रवार दोपहर 2.10 बजे चेन्नाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से वह 50 किलोमीटर दूर स्थित महाबलीपुरम लग्जरी कार हांगकी से जाएंगे। वह शुक्रवार और शनिवार को कई दौर की शिखर वार्ता करेंगे।

तटरक्षक बल का पोत तैनात

महाबलीपुरम में 5000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। शोर टेंपल के समीप समुद्र में तटरक्षक बल का पोत भी तैनात किया गया है। ओल्ड महाबलीपुरम रोड समेत चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा की गई है। तटरक्षक बल का एक अन्य पोत भी मंदिर से कुछ दूरी पर तैनात किया गया है। इसकी तैनाती पर एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। शहर में दर्जनों अस्थाई पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। 800 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

जिनपिंग का दौरा कार्यक्रम


शुक्रवार :

-दोपहर 2.10 बजे : चेन्नाई एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

-शाम 4 बजे : महाबलीपुरम रवाना होंगे।

-शाम 5 बजे : तीन स्मारकों-अर्जुन के तपस्या स्थल, पंच रथ व शोर टेंपल का भ्रमण करेंगे।

-शाम 6 बजे : शोर टेंपल पर कलाक्षेत्र की टीम केसांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

-शाम 6.45 बजे : पीएम मोदी के रात्रिभोज में शामिल होंगे।

शनिवार :

-सुबह 9.50 बजे : ताज फिशरमैन्स रिसॉर्ट पहुंचेंगे।

-सुबह 10 बजे 5 पीएम रिसॉर्ट के मचान पर टेटी-ए-टेटी पर बातचीत करेंगे।

-सुबह 10.50 बजे : रिसॉर्ट के टेंगो हॉल में दोनों देशों की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी।

-दोपहर 11.45 बजे : पीएम मोदी द्वारा दिए जाने वाले लंच में शामिल होंगे।

-दोपहर 1.30 बजे : चेन्नाई एयरपोर्ट रवाना होंगे और वहां से नेपाल जाएंगे।

जिनपिंग से मोदी क्यों नहीं कहते हम हांगकांग देख रहे हैं : कांग्रेस

इस बीच, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले कांग्रेस ने पीएम मोदी से कहा है कि वे उन्हें यह क्यों नहीं कहते कि यदि वे कश्मीर पर नजर रखे हुए हैं तो हम हांगकांग देख रहे हैं? कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने गुरुवार को ट्‌वीट कर आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन को भारत के आंतरिक मामले में दखल देने से रोकने में विफल रही है। तिवारी ने ट्‌वीट कर कहा, 'जिनपिंग ने कहा कि वह कश्मीर पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन पीएमओ या विदेश मंत्रालयने यह क्यों नहीं कहा कि 1. हम भी हांगकांग में चल रहे लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को देख रहे हैं। 2. शिनजियांग में मानवाधिकारों का हनन देख रहे हैं। 3. तिब्बत में निरंतर दमन देख रहे हैं। 4. हम दक्षिण चीन सागर पर नजर रखे हुए हैं।' तिवारी ने केंद्र सरकार को यह भी चुनौती दी कि वह जिनपिंग से पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से चीन को सौंपे गए अक्साई चिन के बारे में सवाल करे।