नई दिल्ली। युवाओं का देश कहा जाने वाला भारत आने वाले सालों में बुजुर्गों की अधिकता का सामना करेगा। पिछले जनगणना वर्ष 2011 के मुकाबले भारत की आबादी में वर्ष 2036 तक 26 फीसदी का इजाफा होने वाला है। साठ साल से अधिक आयु के लोगों की आबादी भी दोगुनी हो जाएगी, जबकि युवा आयुवर्ग के लोगों में कमी आएगी।

सरकारी आंकड़ों और अनुमान के अनुसार, भारत की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 121.1 करोड़ थी, जो वर्ष 2035 तक बढ़कर 153.6 करोड़ हो जाएगी। भारतीयों की आबादी में यह बढ़ोतरी 26.8 फीसदी होगी। एक अन्य खोज के मुताबिक भारत में वृद्धों की तादाद बेतहाशा बढ़ेगी। साठ साल से अधिक आयु वर्ग के लोग 8.6 फीसदी से बढ़कर 15.4 फीसदी हो जाएंगे।

इसी तरह 25-29 साल के लोगों की संख्या में कमी आ जाएगी। भारतीय युवाओं की आबादी 19 फीसदी से घटकर 15 फीसदी ही रह जाएगी। आबादी में सबसे अधिक गिरावट 15 साल से कम आयु के लोगों में आएगी। यह आबादी 30.9 फीसदी से घटकर 17 फीसदी ही रह जाएगी।

15 से 59 साल के लोगों में होगी मामूली बढ़ोतरी

भारत में कामकाज और उत्पादन के क्षेत्र में अहम योगदान निभाने वाले 15 साल से 59 साल के लोगों की आबादी में मामूली बढ़ोतरी होगी। वह 60.5 फीसदी से 66.7 फीसदी हो जाएंगे। वर्ष 2011-15 के बीच 2.4 फीसदी रहने वाली प्रजनन दर वर्ष 2031-35 तक कम होकर 1.65 फीसदी ही रह जाएगा। शिशुओं की मृत्यु दर में खासी कमी आने का अनुमान है।

वर्ष 2011-15 के बीच 43 फीसदी रही मृत्यु दर घटकर 30 फीसदी ही रह जाएगी। भारत में जन्म दर 19.8 फीसदी से घटकर 12 फीसदी रहने की उम्मीद है। शहरी आबादी 25 फीसदी तक बढ़ने के आसार हैं। सरकारी तकनीकी समूह की ओर से किए गए भारतीय जनसंख्या का भावी आकलन राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग की ओर से किया गया है। यह आंकड़े हाल ही में एक सवाल के जवाब में संसद में भी बताए गए थे।

यह भारतीय आबादी का शुरुआती चित्रण है। जब सभी आंकड़े एकत्र हो जाएंगे तो एक और मसौदा तैयार किया जाएगा। समितियां इस पर काम कर रही हैं। मई में हुई बैठकों के आधार पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता भारतीय जनगणना आयोग के रजिस्ट्रार जनरल विवेक जोशी ने की थी।