बैंकों ने ATM में 2000 रुपये की जगह 500 रुपये के नोटों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दिया है। नोटबंदी के बाद लाए गए 2000 रुपये के नोटों को धीरे-धीरे चलन में कम किया जाएगा। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक आरटीआई के जवाब में बताया था कि उसने 2000 रुपये के नोटों की छपाई रोक दी है। हालांकि वित्त मंत्रालय की ओर से अधिक मूल्य वाले नोटों की संख्या घटाने के बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। लेकिन ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंकों ने अपने स्तर पर कम मूल्य के नोटों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

सूत्रों के मुताबिक कुछ बैंकों ने अपने ATM में इसके लिए जरूरी सुधार शुरू कर दिए हैं। बाकी बैंक भी जल्द यह कार्य शुरू करेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के कर्जदाता इंडियन बैंक ने पहले ही इस बारे में घोषणा कर दी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह चुकी हैं कि सरकार ने नोटों की संख्या को लेकर बैंकों को किसी तरह का निर्देश नहीं दिया है। इससे पहले आरबीआई ने बताया था कि वर्ष 2016-17 के दौरान 2000 रुपये के 354.29 करोड़ नोट छापे गए थे।

प्याज के निर्यात से रोक हटाने का फैसला

एक अन्य जरूरी खबर यह है कि सरकार ने छह महीने से प्याज निर्यात पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है। डीजीएफटी द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद प्याज का निर्यात शुरू हो जाएगा। रबी फसल के दौरान अच्छे उत्पादन के बाद घरेलू बाजारों में प्याज के भाव में गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से प्याज के दामों में लगातार कमी देखने को मिली है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह की बैठक में इस बाबत फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि घरेलू बाजारों में प्याज की आपूर्ति बाधित होने से इसके दाम आसमान छूने लगे थे। इससे सरकार को निर्यात पर रोक लगानी पड़ी थी।

Posted By: Arvind Dubey