7th pay commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने अब पारिवारिक पेंशन के नियमों में महत्‍वपूर्ण बदलाव कर दिया है। शनिवार को एक अहम बयान जारी करते हुए सरकार ने इसकी जानकारी दी। बदले हुए Pension नियम के बाद अब कर्मचारियों के परिजनों के लाभ का दायरा बढ़ गया है। सरकार के इस फैसले से देश के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा। एक अन्‍य फैसले में सरकार ने दिव्यांग पेंशनभोगियों के सहायकों के लिए परिचारक भत्ता बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को बताया कि तलाक की याचिका लंबित रहने के दौरान भी दिवंगत केंद्रीय कर्मचारी की बेटी अब पारिवारिक पेंशन पाने की अधिकारी है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान में जितेंद्र सिंह के हवाले से कहा गया है, "पारिवारिक पेंशन पाने के लिए तलाकशुदा बेटियों के लिए नियमों में ढील दी गई है। अब बेटी तब भी पारिवारिक पेंशन पाने की अधिकारी होगी अगर उसका अंतिम रूप से तलाक नहीं हुआ है, लेकिन उसने अपने कर्मचारी माता या पिता के जीवनकाल में ही तलाक याचिका दाखिल कर दी थी।"

अभी तक यह था नियम

पहले के नियम में तलाकशुदा बेटी को तभी पारिवारिक पेंशन पाने का अधिकार था जबकि उसने अपने कर्मचारी माता या पिता के जीवनकाल में ही तलाक ले लिया हो। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिव्यांग बच्चों या भाई-बहन को पारिवारिक पेंशन प्रदान करने के लिए भी आदेश जारी किया गया है। अब दिव्यांगता प्रमाण पत्र अगर पेंशनभोगी माता या पिता की मृत्यु के बाद भी प्रस्तुत किया जाता है तो वे पेंशन पाने के अधिकारी होंगे बशर्ते दिव्यांगता माता-पिता के जीवनकाल में हुई हो।

दिव्यांग पेंशनभोगियों के सहायकों के लिए भत्‍ता बढ़ाया

दिव्यांग पेंशनभोगियों के सहायकों के लिए परिचारक भत्ता 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,700 रुपये कर दिया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद अपने बच्चों के साथ विदेश में बस गए वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत के लिए भारतीय दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और उच्चायोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वहीं उन्हें जीवित होने का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं और पारिवारिक पेंशन शुरू कराएं। पेंशन वितरित करने वाले सभी बैंकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि बैंक आने में असमर्थ पेंशनभोगियों को घर पर ही जीवित होने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।

क्‍या है पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, केन्‍द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के अंतर्गत शामिल केन्‍द्र सरकार के कार्मिकों की पेंशन एवं सेवानिवृति लाभों से संबंधित नीतियां तैयार करने के लिए नोडल विभाग है। केन्‍द्र सरकार के पेंशनभोगियों/ कुटुंब पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संबंधी नीति तैयार करने के अलावा यह विभाग पेंशनभोगियों के कल्‍याण को बढ़ावा देने के लिए भी तत्‍पर रहता है और पेंशनभोगियों की शिकायतों का निपटारा करने वाले मंच के रूप में कार्य करता है।

दायरे में आते हैं इतने संगठन

रेलवे और रक्षा मंत्रालय की स्‍वयं की स्‍वतंत्र प्रशासनिक संरचना होने के कारण वहां के पेंशनभोगियों पर उनके संबंधित पेंशन नियम प्रभावित होते हैं । कर्मचारी भविष्‍य निधि और अन्‍य प्रावधान अधिनियम 1950 से संलग्न अनुसूची में सूचीबद्ध उद्योगों / अन्य प्रतिष्ठान के वर्ग से संबंधित प्रतिष्ठानों में काम कर रहे कर्मचारी, श्रम मंत्रालय द्वारा प्रशासित कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा, उन लोगों की पेंशन संबंधी मामलों की देखरेख नई पेंशन योजना के तहत वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) द्वारा की जा रही है जिन्‍होंने दिनांक 1.1.2004 को या इसके बाद केन्द्र सरकार में कार्यभार ग्रहण किया है ।

Posted By: Navodit Saktawat

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