नई दिल्ली। मलेशिया के एक विशेष विमान में सवार होने वाले आठ मलेशियाई नागरिकों को रविवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ लिया गया। सूत्रों ने कहा कि वे निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात केंद्र से जुड़े हुए थे, जिसे कोरोना वायरस के प्रसार के लिए एक हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। सूत्रों ने कहा कि ये सभी दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर छिपे हुए थे। उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।

देश में COVID-19 मामलों के एक तिहाई (1,000 से अधिक) मामले पिछले महीने की धार्मिक सभा से जुड़े हुए सदस्यों के हैं। सरकार के सामाजिक दूरी बनाने के संदेश के बावजूद तब्लीगी जमात के सैकड़ों लोग निजामुद्दीन की एक मस्जिद में छिपे हुए थे। यहां से निकलकर वे देश के 18 राज्यों में फैल गए और बार-बार कहे जाने के बाद भी सामने नहीं आ रहे हैं। दरअसल, तब्लीगी जमात के लगभग 9,000 लोग मरकज में भाग लेने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में भेज दिए गए, जिससे देश भर में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि हुई।

सरकार का अनुमान है कि इनकी वजह से करीब 22,000 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश में पिछले 24 घंटों में 472 मामले दर्ज हुए हैं और अब तक देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल 3,374 मामले सामने आ चुके हैं। COVID-19 से संक्रमित होने के बाद भारत में अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत में सामने आने वाले करीब 42 फीसदी मरीजों की उम्र 21 से 40 साल के बीच है। वहीं, 20 साल से कम उम्र के नौ फीसद कोरोना के मरीजों के मामले अब तक सामने आ चुके हैं।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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