81th Mann Ki Baat Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक मन की बात रेडियो प्रोग्राम को संबोधित किया। यह मन की बात का 81वां संस्करण रहा। पीएम मोदी ने नदियों के प्रदूषण के साथ की खादी के प्रति बढ़ते रुझान, त्योहारों के दौरान कोरोना को लेकर बरती जाने वाली सावधानी जैसे मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने बताया कि अपने अमेरिका दौरे पर जाने से पहले ही उन्होंने इस रेडियो प्रोग्राम की रिकॉर्डिंग कर ली थी। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत 26 सितंबर को मनाए जा रहे River Day से की। पीएम मोदी ने कहा कि नदियां हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। हमारे लिये नदियां एक भौतिक वस्तु नहीं हैं, हमारे लिए नदी एक जीवंत इकाई है। हमारे यहाँ कहा गया है – “पिबन्ति नद्यः, स्वय-मेव नाम्भः अर्थात् नदियाँ अपना जल खुद नहीं पीती, बल्कि परोपकार के लिये देती हैं। इस तरह उन्होंने नदियों में प्रदूषण का मुद्दा भी छेड़ा।

पीएम मोदी ने कहा, आप सब जानते ही हैं – माघ का महीना आता है तो हमारे देश में बहुत लोग पूरे एक महीने माँ गंगा या किसी और नदी के किनारे कल्पवास करते हैं नदियों का स्मरण करने की परंपरा आज भले लुप्त हो गई हो या कहीं बहुत अल्पमात्रा में बची हो लेकिन एक बहुत बड़ी परंपरा थी जो प्रातः में ही स्नान करते समय ही विशाल भारत की एक यात्रा करा देती थी, मानसिक यात्रा! भारत में स्नान करते समय एक श्लोक बोलने की परंपरा रही है- गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिं कुरु।

आजकल एक विशेष E-ऑक्शन, ई-नीलामी चल रही है। ये इलेक्ट्रॉनिक नीलामी उन उपहारों की हो रही है, जो मुझे समय-समय पर लोगों ने दिए हैं। इस नीलामी से जो पैसा आएगा, वो ‘नमामि गंगे’ अभियान के लिये ही समर्पित किया जाता है। आप जिस आत्मीय भावना के साथ मुझे उपहार देते हैं, उसी भावना को ये अभियान और मजबूत करता है।

खादी की खरीदी का टूटे रिकॉर्ड: आज आज़ादी के 75वें साल में हम जब आज़ादी के अमृत महोत्सव को मना रहे हैं, आज हम संतोष से कह सकते हैं कि आज़ादी के आंदोलन में जो गौरव खादी को था आज हमारी युवा पीढ़ी खादी को वो गौरव दे रही है। आज खादी और हैंडलूम का उत्पादन कई गुना बढ़ा है और उसकी मांग भी बढ़ी है। आप भी जानते हैं ऐसे कई अवसर आये हैं जब दिल्ली के खादी शोरूम में एक दिन में एक करोड़ रूपए से ज्यादा का कारोबार हुआ है।

Image

25 सितम्बर को देश की महान संतान पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म-जयंती होती है। दीनदयाल जी, पिछली सदी के सबसे बड़े विचारकों में से एक हैं। उनका अर्थ-दर्शन, समाज को सशक्त करने के लिए उनकी नीतियाँ, उनका दिखाया अंत्योदय का मार्ग, आज भी जितना प्रासंगिक है, उतना ही प्रेरणादायी भी है। तीन साल पहले 25 सितम्बर को उनकी जन्म-जयंती पर ही दुनिया की सबसे बड़ी Health Assurance Scheme – आयुष्मान भारत योजना लागू की गई थी। आज देश के दो-सवा-दो करोड़ से अधिक गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल में 5 लाख रु तक का मुफ्त इलाज मिल चुका है। दीनदयाल जी ने सीख दी, कि हम समाज से, देश से इतना कुछ लेते हैं, जो कुछ भी है, वो देश की वजह से ही तो है इसलिए देश के प्रति अपना ऋण कैसे चुकाएंगे, इस बारे में सोचना चाहिए। ये आज के युवाओं के लिए बहुत बड़ा सन्देश है। दीनदयाल जी के जीवन से हमें कभी हार न मानने की भी सीख मिलती है। विपरीत राजनीतिक और वैचारिक परिस्थितियों के बावजूद भारत के विकास के लिए स्वदेशी मॉडल के विजन से वे कभी डिगे नहीं।

Image

कभी भी छोटी बात को छोटी चीज़ को, छोटी मानने की गलती नहीं करनी चाहिए। अगर महात्मा गांधी जी के जीवन की तरफ हम देखेंगे तो हम हर पल महसूस करेंगे कि छोटी-छोटी बातों की उनके जीवन में कितनी बड़ी अहमियत थी और छोटी-छोटी बातों को ले करके बड़े बड़े संकल्पों को कैसे उन्होंने साकार किया था। हमारे आज के नौजवान को ये जरुर जानना चाहिए कि साफ़-सफाई के अभियान ने कैसे आजादी के आन्दोलन को एक निरंतर ऊर्जा दी थी। ये महात्मा गांधी ही तो थे, जिन्होंने स्वच्छता को जन-आन्दोलन बनाने का काम किया था

Image

ImageImage

Image

कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के पूरे नेटवर्क और आकाशवाणी समाचार और मोबाइल एप पर भी किया गया।

सफल अमेरिका दौरे के बाद पहली Mann Ki Baat

बता दें, पीएम मोदी बीती रात ही संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76 वें सत्र को संबोधित किया है। यहां पीएम मोदी की छवि एक ऐसे नेता के रूप में उभरी है, जो भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की भलाई की बात करता है। पीएम मोदी के इस अमेरिका दौरे पर भारत को उस समय बड़ी कामयाबी मिली है जब उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने खुद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने इस यात्रा के दौरान जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों से भी बात की। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ मुलाकात के दौरान पूरी दुनिया गवाह बनी कि किस तरह दोनों देशों के बीच संबंधों की एक नई शुरुआत होने जा रही है।

Posted By: Arvind Dubey