Parliament Session: विपक्ष के हंगामे की वजह से संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष पेगासस जासूसी मामले, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर अड़ा हुआ है, और सरकार इन मुद्दों को वक्त की बर्बादी समझती है। इस बीच राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में सरकार, विपक्ष और अन्य दलों की एक बैठक हुई, जिसमें 7 विधेयकों सहित राज्यसभा में 8 कार्यों को पूरा करने पर सहमति बनी। इनके लिए सदन के 11 वें दिन 17 घंटे निर्धारित किये गये थे, जो हंगामे की वजह से बर्बाद हो गये। वैसे, वेंकैया नायडू ने एक बार फिर से सभी पक्षों से सदन के सामान्य कामकाज को चलाने की अपील की है।

जिन बिलों पर सहमति बनी है, उनमें ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, एयरपोर्ट्स रेगुलेशन अथॉरिटी बिल, जनरल इंश्योरेंस नेशनलाइजेशन अमेंडमेंट बिल, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप अमेंडमेंट बिल, डिपॉजिट इंश्योरेंस बिल भी शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक सरकार किसानों के मुद्दे, मूल्य वृद्धि और आर्थिक स्थिति पर चर्चा करने को तैयार है। वेंकैया नायडू ने अन्य दलों से भी इन मुद्दों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। लेकिन विपक्ष पेगासस मुद्दे के संदर्भ में राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना चाहता है, जिसके लिए सरकार तैयार नहीं है।

जैसा कि आप जानते हैं, पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरु हुआ था, लेकिन एक भी दिन दोनों सदनों की कार्यवाही ढंग से नहीं चली है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा। उधर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस मांग को खारिज करते हुए लोकसभा में कहा था कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है। अब कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों को एकजुट कर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।

Posted By: Shailendra Kumar