अमरावती। आंध्र प्रदेश विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से दो बिल पारित किए। इसमें निर्णायक सबूत होने की स्थिति में दुष्कर्मियों को फांसी तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अन्य यौन अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। नए कानून में महिलाओं के खिलाफ सभी अपराधों की जांच तथा मामले की सुनवाई तेजी से किए जाने का प्रावधान है। ऐसे मामलों में फैसले के समय अब घटाकर 21 दिन कर दिया गया है। निर्भया कानून, 2013 में इसके लिए चार महीने का समय था। पारित बिल के मुताबिक, जांच सात कार्यदिवस में और सुनवाई 14 दिन में पूरी होगी। इस नए बिल का नाम हैदराबाद में हाल ही में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला पशु चिकित्सक के काल्पनिक नाम पर 'दिशा" दिया गया है। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विधानसभा में बताया कि दिशा बिल राज्य और केंद्र की समवर्ती सूची के तहत आता है, इसलिए मंजूरी के लिए इसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।

15 वर्षीय लड़की की दुष्कर्म के बाद हत्या

महाराष्ट्र में पिंपरी चिंचवाड़ के दापोली में 15 वर्षीय लड़की की कथित रूप से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। उसका शव गुरुवार शाम उसकी बहन के घर पर मिला। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की मां की उसके सौतेला पिता से झगड़ा हुआ था। मां ने सौतेला पिता को उसकी बेटियों से दूर रहने के लिए कहा था। इससे खफा सौतेला पिता ने गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी। पुलिस ने आरोपित सौतेले पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वह फरार है।

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Posted By: Navodit Saktawat

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