नई दिल्ली। मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत किया है। याचिकाकर्ताओं में शामिल इकबाल अंसारी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते है और इसे स्वीकार करते हैं। अब हमें देखना है कि मस्जिद के लिए जमीन कहां दी जाती है। हम फैसले को चुनौती नहीं देंगे।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और ऐशबाग इदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि हमने हमेशा कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार करते हैं। हम सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं।

फैसला अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं : एआईएमपीएलबी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कहा कि फैसला उसकी अपेक्षाओं के खिलाफ है। अपने ट्वीट में बोर्ड ने कहा कि हमने अपने पक्ष को साबित करने के लिए ठोस सबूत दिए। हमारी कानून समिति फैसले की समीक्षा करेगी। कई मुस्लिम संगठनों की प्रमुख संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशवरत के अध्यक्ष नावैद हामिद ने शांति और सद्भाव की अपील करते हुए फैसले पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि सबूत टिक नहीं सके।

ओवैसी फैसले से संतुष्ट नहीं

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन आवैसी ने हैदराबाद में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला तथ्यों पर आस्था की जीत है। उन्होंने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरपर्सन हसन रिजवी ने दावा किया कि मुस्लिम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं।

अजमेर दरगाह के दीवान ने किया स्वागत

जयपुर में अजमेर दरगाह के दीवान जैनुल आबेदिन अली खान ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायपालिका सर्वोच्च है ओर हर किसी को फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने एकजुट दिखने का वक्त है क्योंकि पूरी दुनिया की नजर भारत पर है।

Posted By: Navodit Saktawat