नई दिल्‍ली। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी पर राष्ट्र के नाम संदेश दिया। उन्‍होंने इसे ऐतिहासिक करार दिया। पीएम मोदी ने कहा, फैसले के बाद, जिस तरह से समाज के हर वर्ग, हर धर्म के लोगों ने इसका स्वागत किया है, वह भारत की प्राचीन संस्कृति और सामाजिक सद्भाव की परंपरा का प्रमाण है। पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें।

- छह नवंबर को बर्लिन की दीवार गिरी थी, आज करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत भी हुई है। अयोध्या पर फैसले के साथ ही नौ नवंबर की यह तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे रही है।

- भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है, आज यह मंत्र पूर्णता के साथ खिला हुआ नजर आता है। विविधता में एकता किसी को समझनी होगी तो वह आज के दिन का जरूर उल्लेख करेगा।

- दशकों तक चली न्याय प्रकिया का अब समापन हुआ है। पूरी दुनिया ने आज जाना कि भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत और मजबूत है। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे मामले में फैसला दिया है, जिसके पीछे सैकड़ों वर्षों का इतिहास है।

- आज अयोध्‍या पर फैसले के साथ ही 9 नवंबर की तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी देती है। आज के दिन का संदेश जोड़ने का, जुड़ने का है और मिलकर जीने का है।

- इस मामले का देश की पीढि़यों पर भले ही असर पड़ा हो लेकिन इस निर्णय के बाद हमें यह संकल्‍प करना चाहिये कि हमारी नई पीढ़ी अब नए सिरे से नए भारत के निर्माण में जुटे। लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी।

- सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को अत्यंत धैर्य के साथ सुना और यह पूरे देश के लिए खुशी की बात है कि यह निर्णय सभी की सहमति से आया।

- पूरे देश की ये इच्छा थी कि इस मामले की अदालत में हर रोज़ सुनवाई हो, जो हुई, और आज निर्णय आ चुका है।

- नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है। यह नया भारत है। इसमें अब नकारात्‍मकता, कटुता और भय के लिए कोई जगह नहीं होना चाहिये।

- समाज के हर व्‍यक्ति को, प्रत्‍येक भारतीय को ना केवल अपने दायित्‍वों को समझना होगा बल्कि इन्‍हें प्राथमिकता देते हुए काम करना होगा।

- हमारे के लिए देश का विकास अब अहम है और इस के लिए प्रत्‍येक देशवासी को आपस में एकता और सौहार्द्र को बनाए रखना होगा। एक समाज के नाते यह करना होगा।

Posted By: Navodit Saktawat