नई दिल्ली। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट सुबह 10.30 बजे ऐतिहासिक फैसला सुना दिया गया। कोर्ट ने विवादित स्थल पर राम लला का मालिकाना हक माना और मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि किसी दूसरी जगह पर दिए जाने का फैसला सुनाया। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है:

यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है।

हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया।

न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। AIMIM लीडर असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले पर असंतुष्टि जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 'सुप्रीम' तो है लेकिन 'Infallible' नहीं है। हमारा संविधान में विश्वास है। हम हमारे अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे थे, हमें दान में 5 एकड़ जमीन नहीं चाहिए। हमें इस 5 एकड़ जमीन को खारिज कर देना चाहिए।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूं।

श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत; सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और अनगिनत अज्ञात लोगों जिन्होंने इतने वर्षों तक इसके प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया आ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चुका है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण की पक्षधर है।'

मुस्लिम पक्ष के ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या में मुस्लिमों को भव्य मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाए। भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा कि लोकतांत्रिक फैसला दिया है, जिसका हर किसी को स्वागत करना चाहिए।

अयोध्या फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। जनता से शांति और शांति बनाए रखने की अपील की। पाकिस्तान के विद्वान तारिक फतेह ने कहा है कि 90 साल पुराने राम जन्मभूमि मामले को एक सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों ही पक्षों की इस मामले में जीत हुई है, क्योंकि मस्जिद बनाने के लिए एक नई जमीन आवंटित की जाने वाली है।

अयोध्या मामले के मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बयान सामने आया है। इकबाल अंसारी ने कहा कि 'मैं खुश हूं कि आखिर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। मैं कोर्ट के निर्णय का सम्मान करता हूं।'

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'यह एक ऐतिहासिक फैसला है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वह शांति और सद्भाव बनाए रखें।'

इस मामले के याचिकाकर्ता इसबाल अंसारी ने कहा कि वह इस मामले से सहमत हैं। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह मस्जिद के लिए जमीन कहां देती है। उधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड के एक अन्य वकील जफरयाब जिलानी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वह इस मामले में अन्य न्यायिक पहलुओं पर विचार करेंगे और आगे की प्रक्रिया को देखेंगे।

वहीं, हिंदू महासभा के वकील विष्णु कुमार सिन्हा ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले के जरिये सुप्रीम कोर्ट ने अनेकता में एकता का संदेश दे दिया है। बताते चलें कि इस महत्वपूर्ण फैसले के आने के पहले ही सभी वर्गों की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की जाने लगी थी। हिंदुओं और मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा अपील की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाहे जो भी आए सद्भाव और भाईचारा बने रहना चाहिए।

योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा भी समाज के सभी वर्गों से शांति कायम रखने की अपील की गई है। वहीं, जेकेएमपीएलबी के अहमद अयाज ने भी समाज के सभी वर्गों से भाईचारा बनाए रखने का कहा है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से कभी भी ऐसी कोई बात नहीं कही गई है जिससे की देश की समरसता पर असर पड़े।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी देश की जनता से अयोध्या के फैसले पर शांति बनाए रखने का कहा है। भाजपा नेता नितिन गडकरी ने भी भाई चारे को बनाए रखने की अपील की है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हर किसी को स्वीकार करने की अपील की है। उन्होंने कहा इस फैसले पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। हम लोगों से अपील करते हैं कि किसी को भी नकारात्मक वातावरण नहीं बनाना चाहिए।

अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने भी आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि ' मैं सभी से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि राम मंदिर का फैसला किसी की जीत या किसी की हार नहीं होगा।'

पीएम मोदी भी कर चुके हैं शांति बनाए रखने की अपील

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर सबकी नजर है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश से फैसले का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सभी ने बहुत अच्छे तरीके से सद्भाव बनाकर रखा है। साथ ही पीएम मोदी ने जोड़ा था कि राम मंदिर का फैसला किसी की जीत या हार नहीं है।

Posted By: Neeraj Vyas