अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित 2.7 एकड़ जमीन पर रामलला का अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए 3 माह में ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया है। इसके बाद ट्रस्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस बीच, राम जन्मभूमि न्यास ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट के अध्यक्ष बनें। यानी योगी आदित्यनाथ की देखरेख में ही राम मंदिर का निर्माण हो। राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास ने यह बात कही है।

महंत नृत्य गोपाल दास के अनुसार, योगी आदित्यनाथ को एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि गोरक्ष पीठ के महंत के रूप में ट्रस्ट की अध्यक्षता करें। गोरखपुर का ख्यात गोरखनाथ मंदिर गोरक्षपीठ का है, जिसने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है। सबसे पहले महंत दिग्विजय नाथ, फिर महंत आदित्यनाथ और अब योगी आदित्थनाथ ने राम मंदिर में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भव्य राम मंदिर निर्माण में न्यास की भी अहम भूमिका रहेगी। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इन्कार कर दिया। हालांकि यह जरूर कहा कि न्यास की तरफ से चम्पत राय (विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष) और ओम प्रकाश सिंघल (विश्व हिंदू परिषद के खजांची) राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं। बता दें 2015 में अशोक सिंघल के निधन के बाद से चम्पत राय विहिप का पूरा कामकाज देख रहे हैं। चम्पत राय और ओम प्रकार सिंघल, दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं।

इस बीच, चर्चा शुरू हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन कहां दी जाए। सुन्नी वक्फ बोर्ड 26 नवंबर को तय करेगा कि जमीन लेना है या नहीं और लेना है तो कहां।

Posted By: Arvind Dubey