नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले को लेकर देश भर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा बलों ने लोगों में सुरक्षा का विश्वास पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर गश्त जारी रखी। शरारती तत्वों को अफवाह या भ्रामक खबरें फैलाने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने नॉर्थ ब्लॉक दफ्तर से देश भर में सुरक्षा-व्यवस्था पर पैनी नजर रखी। इसके साथ ही केंद्रीय अर्धसैनिक बल, इंटेलिजेंस एजेंसियां तथा राज्य पुलिस भी पूरी मुश्तैदी से मैदानी ड्यूटी में डटी रही।

- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव अजीत भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार के साथ अपने आवास पर बैठक की और योगी आदित्यनाथ (उप्र), कमल नाथ (मप्र) समेत कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों से सुरक्षा बंदोबस्त में सहयोग तथा बलों की तैनाती के बारे में बात की।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य पुलिस तथा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के प्रमुखों से दिन भर संपर्क में रहे। विभिन्न् राज्यों में पुलिस ने ऐहतियाती कदम उठाते हुए धारा 144 लागू कर दिया है ताकि असामाजिक तत्वों को जमा होने से रोका जा सके। साथ ही संवेदनशील तथा व्यस्त इलाकों, बाजारों में सघन गश्ती जारी रखी।

उप्र के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया- 'पूरे राज्य में स्थिति बिलकुल सामान्य है।

कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हमने अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को गश्ती जारी रखने का निर्देश दिया है तथा रविवार से शुरू हो रहे त्योहारों के लिए पुलिस प्रबंधन भी तैयार कर रहे हैं।" उप्र के अतिरिक्त डीजीपी (कानून-व्यवस्था) पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि टि्वटर तथा फेसबुक जैसे सोशल प्लेटफॉर्मों के जरिए राज्य में सांप्रदायिक दंगे फैलाने के इरादे से गलत सूचना प्रसारित करने के आरोप में पिछले दस दिनों में 80 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं।

उप्र और अयोध्या में भी स्थिति सामान्य

केंद्रीय अर्धसैनिक बल के एक अधिकारी ने बताया कि अयोध्या तथा उप्र के अन्य क्षेत्रों में बल के 40 सशस्त्र कंपनियों (करीब 4,000 जवान) को पूरी तत्परता के साथ तैनात किया गया है। अयोध्या में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है तथा शहर में आए श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय निवासियों की गतिविधियां भी सामान्य हैं। सीएपीएफ की 20 कंपनियां आरक्षित रखी गई हैं, जिन्हें देश के किसी भी हिस्से में तत्काल रवाना किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने भी निषेधाज्ञा जारी कर रखा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी, इसलिए इसका विवेकपूर्ण इस्तेमाल किया जाए और नफरत तथा वैमनस्यता फैलाने से परहेज किया जाए।

शरारती तत्वों की धरपकड़

दिल्ली से सटे नोएडा में दो लोगों को कथित तौर पर अफवाह फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। जबकि राजस्थान के बीकानेर जिले में भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश पोस्ट करने वाले तीस वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

कई राज्यों में विशेष सतर्कता

जबकि पूरे जम्मू-कश्मीर में ऐहतियात के तौर पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। वहीं, बंगाल में सभी पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गुजरात में भी किसी अप्रिय वारदात को टालने के लिए पुलिस महकमे को हाई अलर्ट में रखा गया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने फेक न्यूज पोस्ट किए जाने के खिलाफ चेतावनी जारी कर रखी है।

Posted By: Navodit Saktawat