मथुरा। विश्व हिदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश ने कहा कि राममंदिर के लिए 500 साल से चला आ रहा संघर्ष अदालत के निर्णय के बाद समाप्त हो गया है। दिनेशजी ने यह बात पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष फिर से किसी भी रूप में न रह पाए, इस बात को ध्यान में रखकर ही मस्जिद की जगह देनी चाहिए। वृंदावन के केशवधाम में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए दिनेश जी ने अयोध्या से बाहर मस्जिद बनाए जाने के मामले पर कहा कि मस्जिद को लेकर फिर कोई शंका न रहे, ये सोचना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाए जाने और श्रीराम जन्मभूमि न्यास व निर्मोही अखाड़े के बयानों के सवाल पर कहा कि सरकार विहिप को ट्रस्ट में रखेगी या नहीं रखेगी, हम इस बारे में सोच ही नहीं रहे हैं।

विहिप ने अब तक मंदिर बनाने के लिए आठ करोड़ रुपये जमा किया है। मंदिर आंदोलन में खर्च भी बहुत हो चुका है। ऐसी स्थिति में समाज से फिर सहयोग लिया जाएगा। जो भी ट्रस्ट बनाएंगे उसमें मदद की जाएगी। अयोध्या के बाद मथुरा और काशी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम हिदू हैं। पहले मंदिर बनाने का काम मिला है इसलिए आगे के बारे में बाद में निर्णय लिया जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट में दंडी संन्यासियों को भी शामिल करने की मांग की गई है। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के संरक्षक जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम ने गुरुवार को कहा कि दंडी संन्यासी भी श्रीराम मंदिर निर्माण में अपना योगदान देने के इच्छुक हैं।

अरैल स्थित दंडी स्वामी आश्रम में पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि संन्यास परंपरा के लिए आदि शंकराचार्य द्वारा बनाए गए नीति, नियमों का सही अर्थो में दंडी संन्यासी ही पालन कर रहे हैं। राम मंदिर आंदोलन में भी दंडी संन्यासियों ने अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अपने भक्तों के साथ कारसेवा में शामिल हुए थे। स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि अपनी मांग के संबंध में वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट करेंगे।

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवेधशानंद गिरि ने अयोध्या मामले पर कहा कि करीब पांच सौ वर्ष पुराना विवाद अदालत की भूमिका की वजह से खत्म हो गया है। आज भारत की प्रजातांत्रिक व्यवस्था को आदर मिला है। विशेषकर मुस्लिम भाइयों की समझ के प्रति हम आनंदित हैं। केशवधाम में एक समारोह में उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोग आज कितने सहज और शांत हैं। स्पष्ट है कि अदालत की न्याय व्यवस्था पर उनका भी पूरा भरोसा है। उनकी स्वीकृति इस बात का प्रमाण है।

Posted By: Yogendra Sharma