Balakot Airstrikes 1st Anniversary : विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को 27 फरवरी 2019 के पहले कम ही लोग जानते थे। मगर, इस तारीख ने अभिनंदन को हर भारतीय का हीरो बना दिया। भारत ही नहीं, दुनियाभर में विंग कमांडर अभिनंदन की जांबाजी और बहादुरी के चर्चे हो रहे थे।

दरअसल, पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने 26 फरवरी 2019 को भारत की तरफ से किए गए सर्जिकल एयरस्ट्राइक का बदला लेने के लिए जब भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की, तो मिग-21 बायसन प्लेन उड़ा रहे विंग कमांडर ने पाकिस्तान के उन्नत एफ-16 विमानों को डॉग-फाइट में न सिर्फ खदेड़ दिया, बल्कि एक एफ-16 विमान को भी मार गिराया था।

हालांकि, इस दौरान उनका विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया और वह बचने के लिए पैराशूट से कूद गए थे। हवा में उड़ता हुआ उनका पैराशूट पाकिस्तानी सीमा में उन्हें ले गया और वहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंधक बना लिया।

इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने उनसे कई सवाल पूछे और भारत के खिलाफ जानकारी हासिल करने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन विंग कमांडर ने बिना डरे, उन्हें एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और हर सवाल के जवाब में यही कहा- सॉरी, मैं इसके बारे में आपको नहीं बता सकता।

इसके बाद भारतीय कूटनीति और वैश्विक दबाव के चलते पाकिस्तान को महज 60 घंटों के अंदर विंग कमांडर अभिनंदर को पाकिस्तान को रिहा करना पड़ा। पूरे सम्मान के साथ विंग कमांडर अभिनंदन जब भारत में पहुंचे, तो पूरे देश में जश्न का माहौल था।

बताते चलें कि 14 फरवरी 2019 को आतंकी संगठन ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसका बदला लेने के लिए पूरे देश से मांग उठ रही थी और पीएम मोदी ने भी इशारों-इशारों में साफ कर दिया था कि पाकिस्तान ने इस बार बहुत बड़ी गलती कर दी है। उधर, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने भी धमकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान की सेनाएं नई दिल्ली की आक्रामकता का जवाब देने में संकोच नहीं करेंगी।

26 फरवरी, 2019 की रात को क्या हुआ

मगर, पीएम मोदी ने सेना को बदला लेने के लिए और पाकिस्तान को उसकी भाषा में माकूल जवाब देने की छूट दी। सेना ने प्लान बनाया और 26 फरवरी को सुबह करीब 3:30 बजे भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 फाइटर जेट्स ने सीमा पार कर बालकोट में एलओसी के पार आतंकी कैंपों को निशाना बनाया। भारतीय लड़ाकू विमानों ने आतंकी कैंपों पर हाई प्रिसिशन वाले "स्पाइस" बम गिराए। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमले में 250-300 आतंकवादी मारे गए थे।

यह दूसरा उदाहरण था जब भारतीय सेना ने एलओसी पार कर आतंकी शिविरों को नष्ट किया। इससे पहले 29 सितंबर 2016 को, भारतीय सेना ने जम्मू और कश्मीर के उरी शहर के पास अपने बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक किया था, जिसमें 19 सेना के जवान शहीद हो गए थे।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai